पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने काग्रेस के राज में भर्ती हुए हरियाणा पुलिस के जवानो का बडा झटका दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ कई वर्ष से चले रहे विवाद का निपटारा हो गया है।Haryana News
यह मामला उन खिलाड़ियों से जुड़ा है जिन्हें ओलिंपिक, एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियगिताओं में पदक देश का नाम रोशन किया था। इसी का लेकर उस समय कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2007 और 2008-09 में डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) के पद पर सीधी नियुक्ति दी थीHaryana News
DSP भर्ती हुए थे खिलाड़ी: बता दे कि हरियाणा में पूर्व हुड्डा सरकार के (Congress News) कार्यकाल के दौरान खेल कोटे से सीधे डीएसपी भर्ती हुए खिलाड़ियों को झटका दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जिन अधिकारियों ने पहले प्रशिक्षण पूरा किया है और नौकरी कंफर्म हुई है, उन्हें वरिष्ठता में प्राथमिकता मिलेगी।Haryana News
ममता खरब और अन्य ने खेल कोटा के तहत उनकी नियुक्ति के बाद उनकी वरिष्ठता उनकी शुरुआती नियुक्ति की तारीख से मिलाने की मांग की थी, ताकि उनको आईपीएस प्रमोशन की प्रक्रिया में उचित स्थान मिल सके।Haryana News
इसके जवाब में ओपन भर्ती के माध्यम से HPS बने अधिकारियों ने भी एक याचिका दायर करके कहा था कि जब तक खेल कोटे से आए अधिकारी प्रशिक्षण और अंतिम परीक्षा पूरी नहीं कर लेते, उन्हें वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलना चाहिए। खंडपीठ ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद कहा कि डीएसपी पद पर नियुक्त अधिकारी का प्रशिक्षण और परीक्षा पास करना अनिवार्य है।Haryana News
हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ कई वर्ष से चले रहे विवाद का निपटारा हो गया है। इन खिलाड़ियों ने अदालत में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि उनकी वरिष्ठता नियुक्ति की तिथि से मानी जाए, न कि प्रशिक्षण पूरा करने और सेवा कंफर्म होने की तिथि से मानी जाए। DSP खिलाड़ियों का तर्क था कि नियमों के कारण उन्हें पदोन्नित में नुकसान हो रहा है। यह संविधान के तहर समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन है।
















