हरियाणा सरकार और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के संयुक्त प्रयासों के तहत झज्जर जिले के साल्हावास गाँव में एक सशक्त नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना को मजबूत करना और ग्रामीण समुदाय को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की अगुवाई यूनिट इंचार्ज निरीक्षक नीरज कुमार, निशांत यादव, डॉ. घनश्याम मित्तल और सीमा मित्तल ने की। उन्होंने उपस्थित युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और पंचायती प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए नशे की लत के सामाजिक, मानसिक और शारीरिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उपस्थित लोगों को सामूहिक रूप से नशा न करने और गाँव को नशा मुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई गई।
यह अभियान एनसीबी के महानिदेशक और हरियाणा पुलिस प्रमुख श्री ओ. पी. सिंह (IPS), पुलिस अधीक्षक श्रीमती पंखुड़ी कुमार और उप पुलिस अधीक्षक श्री गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश भर में चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। सरकार द्वारा नशा तस्करों पर लगातार कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ जन-जागरूकता कार्यक्रम भी तेज़ी से चलाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान निरीक्षक नीरज कुमार ने नशे को “सामाजिक दीमक” बताते हुए कहा कि इससे लड़ाई सिर्फ सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि नशे की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों या टोल फ्री नंबरों पर साझा करें।
ग्रामीणों को “नमक लोटा अभियान”, “साइकलोथॉन” और “नशा मुक्त जीवन – नायाब जीवन” जैसी हरियाणा सरकार की प्रमुख पहलों की जानकारी दी गई। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों में नशे के विरुद्ध सक्रियता और जागरूकता बढ़ाना है।
इस अवसर पर गाँव के पूर्व सरपंच राजेंद्र पटेल, रामचंद्र, गोवर्धन, कृष्ण कुमार, सुबेदार साधूराम, सुमन देवी सहित अन्य अनेक पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अपने गाँव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया और इस सामाजिक पहल को समर्थन देने का आश्वासन दिया।

















