Haryana News : भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिला उपायुक्त से मुलाकात कर किसानों और मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनियन के जिलाध्यक्ष समय सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 की बाजरा फसल के भावांतर योजना का भुगतान अब तक लगभग 80 हजार एकड़ भूमि के किसानों को नहीं मिला है, जिससे किसानों में भारी रोष है।Haryana News
समय सिंह ने यह भी कहा कि वर्ष 2024-25 में रेवाड़ी जिले के करीब 90 गांवों में भारी ओलावृष्टि के कारण फसलों को गंभीर नुकसान हुआ, लेकिन अभी तक न तो क्षतिपूर्ति पोर्टल पर स्थिति स्पष्ट है और न ही यह जानकारी दी गई है कि कितना प्रतिशत नुकसान दिखाया गया है तथा मुआवजे की राशि किसानों को कब तक मिलेगी।
डीसी ने यूनियन को आश्वासन दिया कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई का भुगतान पूरे हरियाणा में एक साथ किया जाएगा और भावांतर योजना के अंतर्गत किसानों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाएगी। साथ ही, क्षतिपूर्ति पोर्टल से संबंधित जानकारी के लिए डीआरओ को निर्देश दिए गए हैं, जो यूनियन पदाधिकारियों को गांववार नुकसान का ब्यौरा उपलब्ध कराएंगे।
विशेष कमेटी का गठन : इसके बाद संगठन की एक आंतरिक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें जुलाई माह में रेवाड़ी में प्रस्तावित पंचायत की तैयारियों के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी में श्याम सुंदर टीट, कैलाश भोतवास, मुन्नी बूढ़पुर, वेद जाडरा और मनफूल चौधरी को शामिल किया गया है। कमेटी का कार्य किसानों को संगठन से जोड़ना, सदस्यता अभियान चलाना और पंचायत में अधिक से अधिक किसानों व मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करना होगा।
ये रहे मौजूद: इस मौके पर राजेंद्र कुमार गेरा, बाबूलाल रोडवेज, बाबूलाल कालका, शीशराम साहब, कैलाश भोतवास, मनीषा यादव सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

















