हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) को स्वास्थ्य क्षेत्र में “परिवर्तनकारी पहल” करार देते हुए इसे भारत के लिए एक डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति की नींव बताया। उन्होंने इस मिशन के तहत अपने और अपने स्टाफ का आभा (ABHA) कार्ड बनवाकर अभियान को गति दी।
इस अवसर पर उन्होंने मिशन की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि ABDM का मुख्य उद्देश्य भारत में एक ऐसा इंटरऑपरेबल डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से साझा किया जा सके।
बैठक में राज्य मिशन निदेशक संगीता तेतरवाल, परियोजना प्रबंधक (आईटी) डार्विन अरोड़ा, एचएमआईएस प्रबंधक उमेश सैनी और संयुक्त निदेशक (आईटी) कैलाश सोनी सहित तकनीकी टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
आरती राव ने कहा कि यह मिशन डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। मरीज का डेटा केवल उसकी स्पष्ट सहमति से ही साझा किया जाता है और इसे केंद्रीकृत नहीं किया जाता, बल्कि एक सुरक्षित आदान-प्रदान प्रणाली के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है।
बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक हरियाणा में 1.63 करोड़ से अधिक आभा कार्ड बनाए जा चुके हैं। राज्य के अंबाला जिले स्थित सीएचसी मुलाना को प्रदेश का पहला डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा केंद्र घोषित किया गया है, जहां मरीज ऑनलाइन पंजीकरण कराकर चिकित्सकीय सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
संयुक्त निदेशक (आईटी) कैलाश सोनी ने बताया कि ABDM के अगले चरण में प्रदेश के सभी 22 जिलों की 44 प्रमुख स्वास्थ्य संस्थाओं को डिजिटल रूप से सुसज्जित किया जाएगा। यह प्रयास हरियाणा को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

















