Electricity Vigilance Raid: बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं, बिजली विभाग कर रहा है धड़ाधड़ छापेमारी

On: March 21, 2026 11:46 PM
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Electricity Vigilance Raid: बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत निगम ने सख्ती बढ़ा दी है. विजिलेंस टीम को अब तय रोस्टर के अनुसार ही चारो विद्युत वितरण खंडों में छापेमारी का निर्देश दिया गया है. यह रोस्टर अधीक्षण अभियंता के स्तर से तय किया जा रहा है. प्रत्येक दिन अलग-अलग क्षेत्र में छापेमारी कर चोरी पकड़ी जा रही है. एंटी थेफ्ट थाने में संबंधित उपभोक्ता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा जुर्माना वसूला जा रहा है. इससे विजिलेंस टीम की कार्रवाई भी व्यवस्थित हो गई है.electricity

बिजली चोरी पर अब रोजाना होगी योजनाबद्ध छापेमारी
विद्युत निगम ने बिजली चोरी पर लगाम कसने के लिए अब हर दिन अलग-अलग क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार छापेमारी की व्यवस्था शुरू की है. अब विजिलेंस टीम की कार्रवाई बेतरतीब नहीं, बल्कि सुनियोजित ढंग से की जा रही है. जिससे न केवल चोरी के मामले बढ़ चढ़कर पकड़े जा रहे हैं, बल्कि प्रक्रिया भी पारदर्शी बन रही है. Electricity Vigilance Raid

अधीक्षण अभियंता तय कर रहे हैं साप्ताहिक रोस्टर
अब तक विजिलेंस टीम की छापेमारी शिकायत या गुप्त सूचना के आधार पर होती थी. लेकिन मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद अधीक्षण अभियंता प्रत्येक सप्ताह का रोस्टर तैयार कर रहे हैं. इस रोस्टर के तहत तय होता है कि किस दिन किस क्षेत्र में विजिलेंस टीम जाएगी. जिससे पूरे जिले के चारों वितरण खंडों को कवर किया जा सके.

बिजली चोरी पकड़े जाने पर संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ एंटी थेफ्ट थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाती है. साथ ही जुर्माने की वसूली भी की जाती है. विभागीय अभियंता उपभोग की गई बिजली के अनुसार क्षति का मूल्यांकन करते हैं और उसी आधार पर अर्थदंड तय होता है.

मीटर और तार से की गई चोरी पर तुरंत कार्रवाई
मीटर में टेम्परिंग या तार से सीधी चोरी करने के मामलों में विजिलेंस टीम तत्काल केस दर्ज कर रही है. इन मामलों की तकनीकी जांच कर यह प्रमाणित किया जाता है कि किस प्रकार और कितनी मात्रा में बिजली की चोरी हुई है. और फिर उसी के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाती है.

उपभोग और कनेक्शन क्षमता का भी हो रहा मूल्यांकन
अब विजिलेंस टीम को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि छापेमारी के दौरान सिर्फ चोरी की जांच न करें, बल्कि यह भी देखें कि जिस उपभोक्ता के पास कनेक्शन है. वह उसकी क्षमता से अधिक बिजली तो नहीं खपत कर रहा है. इससे अनुचित लोड की पहचान हो रही है, जो अक्सर चोरी की ओर इशारा करता है.

 

लाखों की बकाया वसूली और छोटे मामलों पर कार्रवाई
जिले में विद्युत निगम के करोड़ों रुपये बिजली बिल के रूप में बकाया हैं. इसके चलते विभाग बकाया की वसूली और चोरी रोकने, दोनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रहा है. विजिलेंस अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल कोई बड़ा चोरी का मामला सामने नहीं आया है. लेकिन छोटी-मोटी चोरी के कई मामलों में नियमित कार्रवाई की जा रही है.

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सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

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