PM Kusum Yojana: भारत व हरियाणा किसानो की लाभ दिलाने के लिए समय समय योजनाए चलाती रहती है। इसी क्रम में अब एक ओर योजना शुरू की है। बता दे कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना में सोलर पंप पर 90 फीसद तक सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार 30-30 फीसद की सब्सिडी प्रदान करेंगे और 30 फीसद तक ऋण की सुविधा बैंकों द्वारा दी जाएगी।
PM Kusum Yojana के प्रमुख तीन घटक
घटक A: 10,000 मेगावाट विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना।
घटक B: 20 लाख स्टैंड-अलोन सौर पंपों की स्थापना।
घटक C: 15 लाख ग्रिड-कनेक्टेड सौर पंपों का सौरीकरण।
PM Kusum Yojana किसानों के लिए वरदान
इस योजना का लाभ लेने वाले किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त या कम लागत वाली बिजली प्राप्त हो रही है, जिससे उनके डीजल और बिजली की बचत हो रही है।
किसान चाहे तो अतिरिक्त सौर ऊर्जा ग्रिड बेचकर कमाई कर सकते हैं।
यदि किसानों के पास असंचित या बंजर भूमि पड़ी है तो उसे पर सौर पैनल लगाकर आए कमाई जा सकती है। सौर पैनल ऊंचाई पर लगाए जाते हैं जिससे खेती में कोई बाधा नहीं आती।
PM Kusum Yojana यह योजना पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पैनल की सुविधा दी गयी है। इस योजना के तहत सोलर पंप लगाने में आने वाली कुल लागत के 90 प्रतिशत खर्चे को सरकार द्वारा सब्सिडी के तौर पर वहन किया जायेगा। शेष 10 प्रतिशत लागत का भुगतान स्वयं किसानों द्वारा किया जाएगा।PM
बता से प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गतकेंद्र सरकार और राज्य सरकार 30-30 फीसद की सब्सिडी भी दी जाएगी इतना ही नहीं 30 फीसदी तक ऋण की सुविधा बैंकों द्वारा दी जाएगी।Kusum Yojana
सोलर पैनल 25 वर्षों तक चलेगा और इसका रखरखाव भी बहुत ही आसानी से किया जा सकेगा।
केंद्र सरकार और राज्य सरकार 30-30 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान करेंगे और 30 प्रतिशत तक ऋण की सुविधा बैंकों द्वारा दी जाएगी। प्रधानमंत्री कुसुम योजना का लाभ किसान, सहकारी समितियां, पंचायत, किसानों का समूह, किसान उत्पादक संगठन, जल उपभोगता एसोसिएशन आदि ले सकते हैं। PM Kusum Yojana
प्रधानमंत्री कुसुम योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए। इस योजना के तहत 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए आवेदक द्वारा आवेदन किया जा सकता है।
आवेदक द्वारा अपनी भूमि के अनुपात में 2 मेगावाट क्षमता या फिर वितरण निगम द्वारा अधिसूचित क्षमता (दोनों में से जो भी कम हो) के लिए आवेदन कर सकता है। प्रति मेगावाट के लिए लगभग 2 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी।PM Kusum Yojana
इस योजना के अंतर्गत स्वयं के निवेश से प्रोजेक्ट के लिए किसी भी प्रकार की वित्तीय योग्यता की आवश्यकता नहीं है। यदि आवेदक द्वारा किसी विकासकर्ता के माध्यम से प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है तो विकासकर्ता की नेटवर्थ 1 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट होनी अनिवार्य है।PM Kusum Yojana
















