New Railway Line: भारत के इस राज्य को रेलवे की सौगात! जल्द बिछेगी 75KM लंबी रेल्वे लाइन

On: May 11, 2025 3:19 PM
Follow Us:
New Railway Line

New Railway Line: रेल मंत्रालय ने सिक्किम के लिए एक नई और बेहद अहम रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है. मेली से जोरेथांग, लेगशिप होते हुए डेंटम तक लगभग 75 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन के लिए अंतिम स्थान सर्वे को स्वीकृति दी गई है. यह सर्वे नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे द्वारा किया जाएगा और इसकी लागत 2.25 करोड़ रुपये होगी. New Railway Line

मेली बनेगा नए रेल नेटवर्क का केंद्र बिंदु

इस रेल परियोजना का जंक्शन सिक्किम के मेली कस्बे को बनाया जाएगा, जो राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है. यह नया कनेक्शन सिक्किम को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा. सर्वे के माध्यम से रेल लाइन के अंतिम रूट, तकनीकी डिज़ाइन और अनुमानित लागत जैसे पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी.

परियोजना से मिलेगा स्थानीय विकास और पर्यटन को बढ़ावा
इस रेल लाइन से जुड़ने वाले ग्यालशिंग और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी. रेल संपर्क से पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे इस क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा. सर्वे से संबंधित टेंडर प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है. New Railway Line

भारत का एकमात्र राज्य जहां नहीं थी कोई ट्रेन सेवा
अब तक सिक्किम भारत का ऐसा अकेला राज्य था जहां कोई रेल सेवा चालू नहीं थी. यह नया प्रोजेक्ट इस कमी को दूर करेगा. इसके पहले भी सिक्किम को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए सिवोक-रंगपो रेल लाइन परियोजना पर काम चल रहा है, जो 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है.

तीन चरणों में होगी सिक्किम की रेलवे कनेक्टिविटी पूरी
पहला चरण

इस चरण में 44.96 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बनेगी, जो पश्चिम बंगाल के सिवोक को सिक्किम के रंगपो से जोड़ेगी.

इसमें 14 सुरंगें, 22 पुल और 5 स्टेशन (सिवोक, रियांग, तीस्ता बाजार, मेली, रंगपो) होंगे.
खास बात यह है कि तीस्ता बाजार भारत का पहला अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशन होगा.
इस चरण के अगस्त 2025 तक पूरा होने की संभावना है. New Railway Line

दूसरा चरण

इस चरण में रेल लाइन को सिक्किम की राजधानी गंगटोक तक बढ़ाया जाएगा. इसके लिए सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है.

तीसरा चरण

तीसरे चरण में रेल लाइन को भारत-चीन सीमा के पास स्थित नाथू ला पास तक ले जाया जाएगा. यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान है और इसकी योजना फिलहाल सर्वे स्तर पर है.

भूकंपीय इलाके में रेल निर्माण की बड़ी चुनौती
सिक्किम का भौगोलिक और भूकंपीय क्षेत्र रेलवे निर्माण को चुनौतीपूर्ण बनाता है. बावजूद इसके केंद्र सरकार द्वारा इस दिशा में किया गया यह प्रयास राज्य की कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिहाज से बेहद अहम है.

रेल परियोजनाओं से बढ़ेगी पहुंच
सिवोक-रंगपो परियोजना पूरी होते ही सिक्किम के दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में रेल पहुंच संभव हो पाएगी. भविष्य में आने वाली गंगटोक और नाथू ला लाइनें न केवल राज्य की पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को विस्तार देंगी. बल्कि सैनिक रणनीति के लिहाज से भी उपयोगी साबित होंगी.

Best24News

सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now