ALERT: साइबर ठगी के केस तेजी से बढ रहे है। आलम यहां तक ठग आए दिन नए नए हथकंडे अपना रहे हैं। अभी हाल में फोटो पर क्लिक से हुई ठगी ने साइबर टीम के भी होश उडा दिए है। साइबर गिरोह से पुलिस ने भी दो कदम आगे चल रहे है। वे कभी सोच भी नहीं सकते कि ऐसी भी ठगी की जा सकती हैं
ठगी का नया तरीका: अब सिर्फ फर्जी कॉल या ईमेल ही नहीं, बल्कि एक साधारण फोटो भी आपके मोबाइल और बैंक अकाउंट को हैक कर,आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकती है । पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर ठगों ने भी अब एडवांस टेक्नालॉजी का फायदा उठाते हुए ठगी का नया पैंतरा ईजाद कर लिया है ।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने आमजन को साइबर क्राइम के प्रति आगाह करते हुए कहा है कि,डिजिटल युग में जहां टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी को आसान बना रही है, वहीं साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
अब सिर्फ फर्जी कॉल या ईमेल ही नहीं, बल्कि एक साधारण फोटो भी आपके मोबाइल और बैंक अकाउंट को हैक कर, आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकती है । पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर ठगों ने भी अब एडवांस टेक्नालॉजी का फायदा उठाते हुए ठगी का नया पैंतरा ईजाद कर लिया है
उन्होंने कहा कि साइबर ठग अब लिंक नही फोटो भेज कर व्हाट्सएप कॉल करते है और उनके द्वारा व्हाट्सएप पर भेजी गई फोटो को पहचान के लिए कहते है । जैसे ही आप उस फोटो पर -क्लिक करते है,इस फोटो में खतरनाक मैलिशियस लिंक छिपा होता है ।
जैसे ही कोई उस फोटो या लिंक पर क्लिक करता है, उसके फोन में एक वायरस या हैकिंग एप इंस्टॉल हो जाता है ।
जानिए कैसे करते है ठगी: पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने बताया कि टेक्नोलॉजी की भाषा में इसे ‘ट्रोजन हॉर्स अटैक’ या ‘रिमोट एक्सेस ट्रोजन’ (RAT) स्कैम भी कहा जा सकता है,क्योंकि इसमें ठग यूजर के फोन का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं और आपकी सारी इनफॉरमेशन जैसे गुगल,पेटीएम,फोन-पे ऑनलानल नेट बैंकिंग से संबंधित पासवर्ड व डॉक्यूमेंट उनके पास पंहुच जाते है और आसानी से आपको साइबर ठगी का शिकार बना लेते है ।
उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप इमेज स्कैम से बचने के लिए सावधानी व सतर्कता ही आपका मुख्य हथियार है
अगर किसी अनजान व्यक्ति से कोई तस्वीर, डॉक्यूमेंट या लिंक मिलता है तो उसे बिना जांचे-परखे न खोलें । कई बार ये फाइल्स देखने में सामान्य लगती हैं, लेकिन इनमें छिपा वायरस आपके फोन में घुसकर आपकी पर्सनल जानकारी चुरा सकता है ।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने कहा कि अगर कोई इमेज वायरस (मालवेयर) से संक्रमित है तो उसे बस डाउनलोड या खोलने भर से आपका फोन खतरे में आ सकता है ।
कई बार इन इमेज फाइल्स में खतरनाक कोड या स्क्रिप्ट्स छिपे होते हैं, जो फोन में अपने आप इंस्टॉल हो जाते हैं और उसे हैक कर सकते हैं । यह खासतौर पर जेपीईजी,पीएनजी,जीआईएफ जैसी इमेज फॉर्मेट्स में भी हो सकता है ।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने कहा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय या ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवाएं । इसके अलावा अपनी शिकायत साइबर क्राइम थाना या आपके संबंधित थाने में स्थापित साइबर हेल्पडेस्क पर दें सकते है ।
SCAM से कैसे बचे
- अंजान नंबर से आई किसी भी इमेज या लिंक पर क्लिक न करें ।
- व्हाट्सएप की सेटिंग्स में ऑटो डाउनलोड’ ऑप्शन बंद करें ।
- यदि कोई संदिग्ध इमेज मिले तो तुरंत उसे डिलीट करें ।
- किसी अनजान लिंक या क्यूआर कोड को स्कैन न करें ।
- व्हाट्सएप और फोन के सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें ।
- किसी भी नौकरी के वादे के झांसे में आने से पहले कंपनी की प्रमाणिकता की जांच जरूर करें
- किसी भी व्यक्ति या कंपनी को पैसे ट्रांसफर करने से पहले कंपनी और व्यक्ति की प्रमाणिकता सत्यापित जरूर करें।
- यूपीआई और बैंक अकाउंट में टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन को इनेबल करें ।

















