Haryana News: हरियाणा में 10वीं और 12वीं को छोड़कर सभी कक्षाओं के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं और नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। हालांकि शिक्षा विभाग ने अभी तक शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत दाखिले के लिए कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। इस देरी ने अभिभावकों को चिंतित कर दिया है क्योंकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र मुफ्त शिक्षा हासिल करने के अपने मौके का इंतजार कर रहे हैं। RTE Admission
RTE Admission प्रवेश प्रक्रिया पर अनिश्चितता
फिलहाल अधिकारियों को भी नहीं पता कि RTE अधिनियम के तहत दाखिले कब शुरू होंगे। हालांकि शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों से उपलब्ध सीटों का विवरण देने को कहा है। इसके बावजूद कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं है जिससे यह अनिश्चित है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को कब तक इंतजार करना होगा।
RTE अधिनियम 2009 और RTE अधिनियम 2011 की धारा 12(1)(c) के अनुसार प्रत्येक मान्यता प्राप्त स्कूल को अपनी 25% सीटें कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षित करनी चाहिए। इसमें बीपीएल परिवारों अनुसूचित जाति (एससी) और दिव्यांग छात्र शामिल हैं। सरकार उनकी फीस वहन करती है जिससे उन्हें निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
RTE Admission निःशुल्क शिक्षा के लिए पात्रता
यदि किसी छात्र के परिवार की आय प्रति वर्ष ₹1.80 लाख या उससे कम है तो वे नि:शुल्क प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि उनके निवास के 1 किलोमीटर के भीतर कोई सरकारी स्कूल नहीं है तो वे उस दायरे में अपनी पसंद के किसी निजी स्कूल में आवेदन कर सकते हैं। सरकार इसका खर्च वहन करेगी जिससे वंचित बच्चों को शिक्षा सुलभ हो सकेगी। RTE Admission
जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह ने आश्वासन दिया है कि स्कूलों से उपलब्ध सीटों का विवरण एकत्र कर लिया गया है और जल्द ही प्रवेश कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा। अभिभावक और छात्र बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि प्रवेश में देरी उनके शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित कर रही है।

















