Ajab Gajab: भारत में शादी का रिश्ता सबसे अटूट और विश्व में सबसे ज्यादा सुंदर माना जाता है, लेकिन एक चौंकाने वाला आकंड़ा सामने आया है जिसमें महिलाएं जवानी में ही विधवा हो जाती है। Village of Widows
भारत में एक ऐसा गांव है जिसके विधवाओं का गांव कहा जाता है। यहां पर 70 फीसदी से ज्यादा महिलाएं विधवा हो चुकी है। इस गांव में मर्दों के जवानी में ही मरने की वजह भी चौंकाने वाली है।
ये है विधवाओं का गांव
भारत में एक ऐसा गांव है, जहां आज भी लोग ‘विधवाओं का गांव’ कहते हैं. यह नाम सुनने में अजीब लगता है, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई बेहद दर्दनाक है. यहां के पुरुषों की जल्दी मृत्यु का कारण है – सिलिकोसिस नाम की जानलेवा बीमारी जो यहां की सैंडस्टोन की खदानों में काम करने से होती है. Village of Widows
पत्थरों की धूल से आती है मौत
राजस्थान Rajansthan के बूंदी जिले में स्थित बुढ़पुरा गांव के आसपास की खदानों में पत्थरों की कटाई के दौरान उड़ने वाली धूल में सिलिका नामक तत्व होता है. यह धूल मजदूरों के फेफड़ों में जाकर उन्हें गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है, जिससे सिलिकोसिस बीमारी हो जाती है. शुरुआत में खांसी और मुंह से खून आना आम होता है लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर जान भी जा सकती है. Village of Widows
इस बीमारी से होती है ज्यादातर मौत
एक काल्पनिक नाम गीता देवी की कहानी इस दर्द को दर्शाती है. उनके पति की मौत सिलिकोसिस से हो गई थी. लेकिन परिवार चलाने के लिए गीता देवी को उसी खदान में काम करना पड़ा. अब वे खुद भी सिलिकोसिस की मरीज बन चुकी हैं. यह बीमारी जब एक बार लगती है, तो मरीज अधिकतम पांच साल ही जी सकता है. इसका इलाज संभव नहीं, सिर्फ रोकथाम ही उपाय है.
आज गांव में 35 वर्ष से ऊपर की 70% महिलाएं विधवा हैं. यहां एक कड़वी सच्चाई ये कही जाती है कि इस गांव के मर्द कभी बूढ़े नहीं होते. क्योंकि वे जवानी में ही मौत के शिकार हो जाते हैं.

















