Rewari Blast update: रेवाड़ी शहर के हंस नगर में घर में 5 जुलाई की शाम को हुआ धमाका गैस के कारण ही हुआ था। लेकिन ये गैस आईजीएल थी या कोई और इसका पता फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट की निगाहे टिकी हुई है। क्योंकि धमाके में पूर्व सैनिक और उनकी बेटी की मौत हो गई थी। बेटी की मौत के बाद मॉडल टाउन थाना पुलिस ने इंद्रप्रस्थ गैस के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। हालांकि सच्चाई क्या है इस बात का खुलासा तो फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट के बाद ही होगा।

जानिए क्या है ब्लास्ट का मामला
5 जुलाई की शाम हंस नगर में सतबीर चौहान के घर धमाका हुआ। धमाके में सतबीर चौहान, उनकी बेटी तन्नु, पत्नी मधु, दो वर्षीय बच्ची और पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान झुलस गए थे। जिनमें से 4 को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में रेफर किया गया था। तन्नु भी बाद में रोहतक से दिल्ली रेफर हो गई। जिनमें से बाप-बेटी की मौत हो चुकी है।
मधु ने पुलिस को बताया कि कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय मधु रसोई में बर्तन साफ कर रही थी। तभी एक जोरधार धमाके की आवाज सुनी। जब वह वहां पहुंची, तो बेटी तन्नु, पति सतबीर चौहान, दो वर्षीय भतीजी और पड़ोसी जयभगवान बुरी तरह से झुलस चुके थे, उन्हें बचाने के प्रयास में वह भी झुलसी और शोर मचाने पर पड़ोसियों ने अस्पताल पहुंचायां

फोरेंसिक जांच की क्या है प्रकिया
यह पूरी प्रक्रिया बहुत व्यवस्थित होती है और इसमें मुख्य रूप से तीन चरण शामिल होते हैं
साक्ष्य एकत्रित करना: फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल पर पहुँचकर बारीकी से सबूत (जैसे फिंगरप्रिंट, बाल, खून के धब्बे) इकट्ठा करते हैं। इस दौरान सबूतों को दूषित (Contaminated) होने से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरती जाती है।
प्रयोगशाला में विश्लेषण: एकत्र किए गए साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से राज्य या केंद्र की फोरेंसिक प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है, जहाँ वैज्ञानिक उपकरणों की मदद से उनका गहन परीक्षण होता है
。रिपोर्टिंग: वैज्ञानिक परीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसे अदालत में पेश किया जाता है। रेवाड़ी में ब्लास्ट को लेकर अभी तक कोई खुलासा नहीं हो पाया है।
बाप बेटी की हो गइ थी मौत
बता दे रेवाड़ी शहर के हंस नगर में घर में 5 जुलाई की शाम को हुआ था इस धमाके में झुलसी 25 वर्षीय तन्नु की 9 जुलाई की शाम दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 10 को टांकड़ी गांव में बेटी का अंतिम संस्कार हुआ। 11 जुलाई की सुबह रिटायर नायब सूबेदार पिता सतबीर चौहान ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। हादसे के चलते आकाश ने 26 घंटे में पहले बहन और फिर पिता की चिता को मुखाग्नि देनी पड़ी।
बता दे कि तन्नु की कैथल के कलायत निवासी हरियाणा पुलिस में क्लर्क के साथ्ज्ञ 25 नवंबर को शादी होनी थी।

रिपोर्ट से होगा खुलासा
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने कहा कि अभी तक जांच से धमाके का कारण गैस ही लग रही है। गैस आईजीए की थी या कोई और इसका पता रिपोर्ट आने पर ही चलेगा। मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट आने से पहले कुछ नहीं कहा जा सकता।









