Political news Rajasthan- राजस्थान के चुनावी रण में प्रत्याशियों के ऐलान और नेताओं के दल-बदल की बढ़ती हलचलों के बीच अब राजनीतिक दलों के गठबंधन होना भी शुरू हो गए हैं। मौजूदा सियासत के दो आक्रामक नेताओं और उनकी पार्टी ने इस बार का चुनाव साथ लड़ने का ऐलान कर दिया है।रेवाडी की दीपिका शर्मा को नितिन गडकरी ने दिल्ली में किया सम्मानित, जानिए ऐसा क्या किया काम
मची खलबली: मतदान दिन पहले सांसद हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथ गठबंधन की घोषणा करके चुनावी महासमर में खलबली मचा दी है। यानी ये तय हो गया है कि अब ये दोनों दल साथ मिलकर हुंकार भरेंगे। इसी के साथ ही बीजेपी व कांग्रेस की नीदं उड गई।

गौरतलब है कि आज़ाद पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर उपनाम ‘रावण’ से भी पहचान रखते रहे हैं। ऐसे में अब हनुमान और रावण की जोड़ी अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा में है।
जीत के पीछे एक दलील ये भी
चंद्रशेखर ने एक प्रतिक्रिया में कहा कि पिछली बार 80 लाख लोगों ने भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ वोट दिया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम आवाम क्या सोच रही है?अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आठ दिन में दोबारा से पाकिस्तान ने किया सीजफायर, जानिए क्या हुआ नुकसान
दिखेगा गठबंधन का प्रभाव
बेनीवाल का किसान और जाट बाहुल्य सीटों पर तो चंद्रशेखर का दलित बाहुल्य सीटों पर अच्छा-खासा दबदबा कहा जा सकता है। ऐसे में इन सीटों पर ये गठबंधन कांग्रेस-भाजपा को मुश्किल में डाल सकता है।
आरएलपी और आज़ाद समाज पार्टी के गठबंधन का असर कई विधानसभा सीटों पर पढ़ना निश्चित माना जा रहा है। दरअसल, कुछ ऐसी चुनिंदा सीटें हैं जहां बेनीवाल और चंद्रशेखर की पकड़ मजबूत दिखाई देती है।
















