Delhi और उसके आसपास के NCR क्षेत्रों में वायु प्रदूषण से राहत की उम्मीदें फिर से धरी की धरी रह गईं। सोमवार, 1 दिसंबर 2025 को शाम 6 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 352 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ (301-400) श्रेणी में आता है। राजधानी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में ठंडी हवाओं और मौसम के बदलाव के बावजूद वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सका।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर बना हुआ है। प्रमुख क्षेत्रों की स्थिति इस प्रकार रही:
- आनंद विहार (दिल्ली) – 352, बहुत खराब
- आईटीओ (दिल्ली) – 306, बहुत खराब
- टेरी ग्राम (गुरुग्राम) – 306, बहुत खराब
- सेक्टर 62 (नोएडा) – 293, खराब
- न्यू इंडस्ट्रियल टाउन (फरीदाबाद) – 229, खराब
- आनंद विहार (हापुड़) – 322, बहुत खराब
पिछले रविवार को तेज हवाओं की वजह से दिल्ली का औसत AQI 279 तक गिर गया और 16 दिनों के बाद पहली बार ‘खराब’ श्रेणी में आया। हालांकि, उस दिन भी शहर के 22 में से 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही।
हवा की स्पीड कम होने से सोमवार को फिर से प्रदूषण बढ़ गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ठंडी हवाएं और हवा की कम स्पीड अगले दो से तीन दिनों में दिल्ली में स्मॉग की मोटी परत को और गहरा कर सकती है। तापमान में गिरावट और धुंध से एयर पॉल्यूशन का लेवल और बिगड़ सकता है। इससे लोगों, खासकर सांस की दिक्कतों वाले लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।
नवंबर माह के अधिकांश दिनों में दिल्ली-एनसीआर का AQI ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणियों में बना रहा। हवा की दिशा, औद्योगिक गतिविधियां, वाहन धुंध और अन्य मानवीय गतिविधियां प्रदूषण के बढ़ने में मुख्य भूमिका निभाती रही हैं। विशेषज्ञ लगातार लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें, यदि संभव हो तो शारीरिक गतिविधियों को कम करें और बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। सरकारी अधिकारियों को भी सख्त कदम उठाने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए योजना को क्रियान्वित करने की आवश्यकता है।

















