Haryana News: हरियाणा के जिला रेवाड़ी में आगामी 16 अप्रैल से स्व-गणना के लिए ऑनलाइन पोर्टल किया जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि नागरिक पंजीकरण कर अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रणाली पर आधारित होगी।
जनगणना की ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए निवासियों को आधिकारिक पोर्टल censusindia.gov.in पर जाना होगा, वहां मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद एक ओटीपी प्राप्त होगा जिसके जरिए लागिन किया जा सकेगा।Haryana News
नौ से 11 अप्रैल तक होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में 16 बैचों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इसके बाद 15 से 17 अप्रैल और 20 से 22 अप्रैल तक भी विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डीसी ने बताया कि स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा की जानकारी गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है ताकि अधिक से अधिक लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें।
जनगणना की ऑनलाइन प्रक्रिया
- पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाएं।
- लॉगिन करें: मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी (OTP) के माध्यम से लॉगिन करें।
- राज्य चुनें: अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का चयन करें।
- जानकारी भरें: अपनी पसंदीदा भाषा (16 में से) चुनें।
- स्थान मार्किंग: पोर्टल पर मौजूद मानचित्र (Map) का उपयोग करके अपने घर की सटीक लोकेशन मार्क करें।
- फॉर्म भरें (33 प्रश्न): परिवार के सदस्यों और आवास से संबंधित लगभग 33-35 प्रश्नों का उत्तर दें।
- फाइनल सबमिट: सभी जानकारी की पुष्टि करने के बाद फॉर्म को ‘Final Submit’ करें।
- Reference ID: सबमिशन के बाद, आपको एक 16-अंकीय ID (SE ID) मिलेगी। इसे सुरक्षित रखें।वेरिफिकेशन: जब जनगणना कर्मी घर आएं, तो उन्हें यह ID दिखाएं, जिससे आपका डेटा सत्यापित हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि गणना कर्मियों के लिए विशेष मोबाइल एप तैयार किया गया है, जो ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा और नेटवर्क मिलने पर डाटा अपने आप अपडेट हो जाएगा, जिससे दूरदराज क्षेत्रों में भी काम सुचारू रूप से होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वह सभी प्रश्नों के सही और स्पष्ट उत्तर दें, क्योंकि यह कानूनी रूप से अनिवार्य है।
16 बैचों में होगा जनगणना को लेकर प्रशिक्षण : बता दे हरियाणा सरकार के लिए इसको लेकर बडी तैयारी की हुई है। रेवाडी में नौ से 11 अप्रैल तक होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में 16 बैचों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इसके बाद 15 से 17 अप्रैल और 20 से 22 अप्रैल तक भी विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डीसी ने बताया कि स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा की जानकारी गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है ताकि अधिक से अधिक लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें।
इसके साथ- साथ सभी विभागाध्यक्ष अपने अधीन अधिकारियों व कर्मचारियों से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए प्रेरित करें। जानकारी जमा करने के बाद नागरिकों को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से एक यूनिक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी मिलेगी, जिसके बाद गणना कर्मी मौके पर पहुंचकर केवल सत्यापन करेंगे।
1 मई से 30 मई 2026 तक होगी मकानों की गणना: बता दे कि हरियाणा में जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी। पहले चरण में एक मई से 30 मई 2026 तक मकानों का सूचीकरण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में नौ फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना की जाएगी। इसके अलावा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
यहां करें स्वयं पंजीकरण: जनगणना की ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए निवासियों को आधिकारिक पोर्टल censusindia.gov.in पर जाना होगा, वहां मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद एक ओटीपी प्राप्त होगा जिसके जरिए लागिन किया जा सकेगा।
मोबाइल एप तैयार : जनगणना को बहुत ही सरल बनाया गया है।उन्होंने बताया कि गणना कर्मियों के लिए विशेष मोबाइल एप तैयार किया गया है, जो ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा और नेटवर्क मिलने पर डाटा अपने आप अपडेट हो जाएगा, जिससे दूरदराज क्षेत्रों में भी काम सुचारू रूप से होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वह सभी प्रश्नों के सही और स्पष्ट उत्तर दें, क्योंकि यह कानूनी रूप से अनिवार्य है।




















