नई दिल्ली में चल रही इंडियनऑइल विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप्स 2025 भारत के पैरा खेल आंदोलन की तेजी से हुई प्रगति का बड़ा प्रमाण बन गई है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता के दौरान अंतर्राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (IPC) के अध्यक्ष एंड्रयू पार्सन्स और वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रमुख पॉल फिट्ज़गेराल्ड ने भारत की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि देश अब वैश्विक पैरा खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान बना रहा है।
फिट्ज़गेराल्ड ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि हर विश्व चैम्पियनशिप केवल पदक जीतने का अवसर नहीं होती, बल्कि यह समुदायों को जोड़ने और नई प्रेरणा देने का माध्यम भी होती है। उन्होंने भारत की पदक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2015 की दोहा चैम्पियनशिप में जहां भारत ने सिर्फ 2 पदक जीते थे,
वहीं कोबे 2024 में यह संख्या बढ़कर 17 हो गई। अब नई दिल्ली में भी भारत का प्रदर्शन उम्मीदों से बेहतर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में यह आयोजन केवल एक बार की पहल नहीं है, बल्कि अगले तीन वर्षों तक लगातार ग्रां प्री प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
आईपीसी अध्यक्ष एंड्रयू पार्सन्स ने कहा कि भारत में पैरा खेलों का विकास स्पष्ट दिखाई देता है और सरकार का सहयोग भी उल्लेखनीय है। उन्होंने अपने देश ब्राज़ील का उदाहरण देते हुए कहा कि जब नेतृत्व रुचि लेता है तो बड़े बदलाव संभव होते हैं। भारत में भी अब वही संभावना और वादा नजर आ रहा है।
फिट्ज़गेराल्ड ने अंत में कहा कि यह आयोजन केवल पदक जीतने के बारे में नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत उत्कृष्टता, प्रेरणा और लंबे समय तक टिकने वाली खेल विरासत बनाने का प्रतीक है।
चैंपियनशिप्स की खास बातें
- आयोजन स्थल: जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली
- तिथि: 27 सितंबर से 5 अक्टूबर 2025
- प्रतिभागी: 104 देशों के 2,200 से अधिक पैरा एथलीट
- स्पर्धाएं: 186 पदक मुकाबले
- महत्व: लॉस एंजिल्स 2028 पैरालिंपिक के लिए क्वालीफायर
नई दिल्ली में हो रही यह चैंपियनशिप न केवल भारत के पैरा खिलाड़ियों की नई पहचान बना रही है, बल्कि देश को पैरा खेलों के वैश्विक केंद्र के रूप में भी उभार रही है।

















