Indian Railways: दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर हमेशा ट्रेन टिकट की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती है। लेकिन इस बार रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। अब यात्रियों को न तो ‘रिग्रेट’ स्टेटस का सामना करना पड़ेगा और न ही टिकट रद्द करने पर अतिरिक्त चार्ज देना होगा।
त्योहारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने सबसे ज्यादा मांग वाली ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है और अब तक 3,000 अतिरिक्त कोच विभिन्न ट्रेनों में जोड़े जा चुके हैं। जरूरत पड़ने पर यह संख्या और बढ़ाई जाएगी। इससे खासकर पूर्वांचल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा।
जनवरी 2026 से नई रीबुकिंग सुविधा
रेलवे ने जनवरी 2026 से एक नई सुविधा की भी घोषणा की है। इसके तहत अगर किसी यात्री की यात्रा की तारीख बदल जाती है, तो वह अपनी कन्फर्म टिकट को रद्द किए बिना नई तारीख पर रीबुक कर सकेगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी के पास 20 नवंबर की पटना से दिल्ली की टिकट है और योजना बदल जाती है, तो वह इसे 25 नवंबर के लिए IRCTC ऐप या वेबसाइट पर रीबुक कर सकता है। इस प्रक्रिया में कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं लगेगा।
रीबुकिंग कैसे काम करेगी
IRCTC ऐप या वेबसाइट पर ‘रीबुकिंग ऑप्शन’ मिलेगा।
यात्री उसी ट्रेन में नई उपलब्ध तारीख चुन सकेगा।
अगर सीट उपलब्ध हुई, तो नई तारीख की टिकट कन्फर्म हो जाएगी।
कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं लिया जाएगा।
किराए में अंतर होने पर अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ सकती है।
पुरानी व्यवस्था की तुलना में बड़ी राहत
पहले टिकट की तारीख बदलने के लिए यात्रियों को टिकट रद्द करनी पड़ती थी और AC फर्स्ट क्लास में ₹240 + GST, AC 3 टियर में ₹180 + GST तक कटौती होती थी। चार्ट बनने के बाद रिफंड भी नहीं मिलता था। अब यह परेशानी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
ई-आधार वेरिफिकेशन से फर्जी बुकिंग पर रोक
रेलवे ने 1 अक्टूबर से जनरल रिजर्वेशन टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। यह नियम टिकट खुलने के पहले 15 मिनट तक लागू रहेगा। इसका उद्देश्य एजेंट्स द्वारा फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी रोकना है। इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और बिचौलियों पर अंकुश लगेगा।

















