Haryana: 10 साल बाद Dharuhera को मिलेगा नागरिक अस्पताल ?

On: June 14, 2024 6:30 PM
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पिछले दस साल जमीन के अभाव में अधर मेंं लटका हुआ अस्पताल का कार्य
Haryana:  धारूहेड़ा वासियों के बड़ी खुशी की खबर हैं। लंबे अर्से के बाद धारूहेड़ा को उपमंडल (Hospital in Dharuhera)  का नागरिक अस्पताल मिलने वाला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल अस्थाई अस्पताल बनाने के लिए बिल्डिंग की तलाश की जा रही है।

पीएचसी पर टिका है 300 कंपनियों की स्वास्थ्य सेवा: कस्बे में 1975 में रूरल डिपेंशरी स्थापित की गई थी। उसके बाद बिल्डिंग बनाककर 1998 यहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र(PHC) बना दिया गया है। ऐसे में 300 कंपनियो की श्रमिकों के साथ कसबे की एक लाख आबादी की स्वास्थ्य सुविधा इसी पर टिकी हुई है। हाइवे पर स्थापित होने के चलते यहां बडा अस्पताल या ट्रामा सेंटर (Hospital News )होना बहुत जरूरी है।

PHC DHR

अधर में लटका था काम: जमीन के अभाव में कई सालो से अस्पताल काम अटका हुआ था। 200 से अधिक कंपनिया व 54 साल पुराने औद्योगिक कस्बे में स्वास्थ्य सुविवाओ को लेकर कुछ नहीं है। न तो कोई बडा अस्पताल तथा न ही ईएसआई अस्पताल। मार्च माह में ब्लास्ट के बाद घायल हुए श्रमिक ईलाज के तपडते रहे।

सीएम ने दिया था आश्वसन: हरियाणा में पूर्व सीएम मनोहर लाल पिछले साल धारूहेड़ा आए थे। उस समय नपा की ओर से नागरिक अस्पताल की मांग की थी। उसे बाद नपा की ओर से थाने के पास दस एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव भी दिया गया है। हालाकि जमीनी प्रकिया अभी पूरी नही हुई है। अब उम्मीद है विधानसभा चुनावो से पहले यह प्रकिया पूरी कर दी जाएगी।

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5 AJAY JANGADAपिछले दस साल से कस्बे में 50 बेड के अस्पताल का इंतजार किया जा रहा है। अगर आज यहां अस्तपाल या ट्रामा सेंटर होता तो इन घायलों का ईलाज मिल जाता। जल्द से जल्द अस्पताल बनाने के इसी माह सीएम को भी पत्र भेजा गया है।
अजय जांगडा, उपचेयरमैन नपा धारूहेड़ा

 

DR JAI PARKASHबढती जनता के चलते यहां पर अस्पताल होना जरूरी है। पुलिस धारूहेडा थाने के पीछे 50 बेड के अस्पताल के जमीन फाईनल हो चुकी है। अप्रूवल के लिए चंडीगढ भेजी हुई। फिलहाल किराये पर बिल्डिंग ली जाएगी।
डा जय प्रकाश, पीएचसी प्रभारी धारूहेड़ा
धारूहेडा: धारूहेडा पीएचसी फोटो

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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