Haryana राज्यसभा चुनाव: दो सीटों पर सियासी मुकाबला तेज, भाजपा हैट्रिक की तैयारी में, कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत

On: March 16, 2026 1:22 PM
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Haryana Rajya Sabha Elections: Political Contest Intensifies for Two Seats, BJP Aims for Hat-trick, Congress Puts in Full Strength

Haryana में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मतदान प्रक्रिया जारी है और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी जहां लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाने की रणनीति में जुटी हुई है, वहीं कांग्रेस इस बार किसी भी कीमत पर सीट गंवाने की गलती नहीं दोहराना चाहती। पिछली बार पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था, इसलिए इस चुनाव को पार्टी अपनी साख से जोड़कर देख रही है।

दोनों दलों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और मतदान प्रक्रिया में किसी प्रकार की गलती से बचने के लिए विशेष तैयारी की है। रविवार को लगातार दूसरे दिन भाजपा और कांग्रेस की ओर से विधायकों को मतदान का अभ्यास कराया गया, ताकि वोटिंग के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी चूक से बचा जा सके। राज्यसभा चुनाव में एक-एक वोट बेहद महत्वपूर्ण होता है और छोटी सी गलती भी पूरे समीकरण को बदल सकती है।

मतदान प्रक्रिया को लेकर विशेष तैयारी ?

राज्यसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया सामान्य चुनावों से थोड़ी अलग होती है। इसमें विधायकों को निर्धारित तरीके से मतपत्र पर अपनी पसंद दर्ज करनी होती है और कई बार गलत तरीके से वोट डालने पर वह अमान्य भी हो सकता है। यही कारण है कि दोनों दल अपने विधायकों को पहले से प्रशिक्षण दे रहे हैं।

राजनीतिक दलों को इस बात का भी डर रहता है कि कहीं कोई विधायक गलती से वोट गलत तरीके से न डाल दे या फिर क्रॉस वोटिंग जैसी स्थिति पैदा न हो जाए। इसलिए पार्टियां लगातार अपने विधायकों के साथ बैठकें कर रही हैं और उन्हें मतदान की पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में अनुशासन और रणनीति दोनों ही अहम भूमिका निभाएंगे।

कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई ?

कांग्रेस के लिए यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। पिछले दो अवसरों पर पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद राज्यसभा सीट उसके हाथ से निकल गई थी। इस वजह से पार्टी को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

इस बार कांग्रेस नेतृत्व किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता। पार्टी ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए लगातार बैठकें की हैं और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मतदान के दौरान पूरी सावधानी बरतें। कांग्रेस का प्रयास है कि इस बार वह अपनी राजनीतिक साख को बहाल करे और राज्यसभा में अपनी स्थिति को मजबूत बनाए।

इनेलो के रुख पर टिकी निगाहें ?

हरियाणा की राजनीति में दो विधायकों वाली इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) भी इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल इनेलो ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस पक्ष का समर्थन करेगी। ऐसे में उसके दोनों वोट काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

यदि चुनाव में किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग होती है तो इनेलो के वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं। यही कारण है कि दोनों बड़े दल इनेलो के रुख पर नजर बनाए हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि अंतिम समय में समीकरण बदल सकते हैं।

हरियाणा की यह राज्यसभा चुनावी लड़ाई केवल दो सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आने वाले राजनीतिक समीकरणों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। भाजपा जहां अपनी लगातार बढ़ती राजनीतिक पकड़ को बरकरार रखना चाहती है, वहीं कांग्रेस इस चुनाव के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि वह अभी भी मजबूत विपक्ष के रूप में मौजूद है।

मतदान के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस दल की रणनीति ज्यादा सफल रही और किसे राजनीतिक फायदा मिला। फिलहाल राज्य की राजनीति में इस चुनाव को लेकर उत्सुकता और सस्पेंस दोनों ही बने हुए हैं।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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