Haryana News: श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में करनाल में भव्य सरहिंद दी चादर मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन को केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। इस आयोजन का मकसद श्री गुरु तेग बहादुर जी के अद्भुत त्याग, साहस और धर्मनिष्ठा के संदेश को हर व्यक्ति तक पहुंचाना था ताकि उनकी महानता को हमेशा याद रखा जा सके।
मैरेथन से एक दिन पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिरसा के चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और दर्शन” को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन और बलिदान केवल सिख समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। 17वीं सदी में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ उनका सर्वोच्च बलिदान इतिहास का एक अमर अध्याय है।
इस संगोष्ठी के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में लगी चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने घोषणा की कि चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में जल्द ही “श्री गुरु तेग बहादुर अध्ययन पीठ” स्थापित की जाएगी, जहां छात्र उनके जीवन, शिक्षाओं और दर्शन पर शोध कर सकेंगे। यह पीठ उनके विचारों को समझने और आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी बताया कि गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर हरियाणा सरकार 1 नवंबर से 25 नवंबर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में चार धार्मिक यात्राएं निकाली जाएंगी। इनमें से पहली यात्रा शनिवार को सिरसा जिले के रोड़ी से हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दी गई।

















