Haryana News: चुनावों के बाद सरपंचो को मिलेगा बडा तोहफा, CM Nayab Saini ने दिया आश्वसन

On: May 4, 2024 6:59 PM
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Haryana News : आपको बता दें कि Haryana के सरपंच पंचायतों के विकास कार्यों में ई-टेंडरिंग प्रणाली का विरोध कर रहे हैं। राज्य सरकार ने दो लाख रुपये से ऊपर के सभी विकास कार्यों को ई-टेंडरिंग के माध्यम से स्वीकृत कराने की व्यवस्था की है।

सरपंच चाहते हैं कि इन विकास कार्यों को मंजूरी देने का अधिकार सीधे उन्हें मिले। इसलिए वह ई-टेंडरिंग के पक्ष में नहीं हैं।

जारी संघर्ष: अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे सरपंचों को आचार संहिता हटने के बाद खुशखबरी मिलेगी। सरपंचों के साथ बैठक में Nayab Singh Saini ने कहा कि उनकी मांगों पर संबंधित विभाग द्वारा सकारात्मक कार्रवाई की जा रही है। सैनी के पोजिटीव निर्णय को लेकर एक बार सरपंचो में दम भरने का काम किया है।

हरियाणा मे लोकसभा  (Haryana News) चुनाव मई हो है। चूकि लोकसभा  (Haryana Lok Sabha Elections 2024)की आदर्श आचार संहिता अभी भी लागू है, इसलिए मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है।CM  Haryana Nayab saini  ने कहा कि सरपंचों की सभी मांगों पर सहमति बन गयी है।

4 जून के बाद उनकी हर मांग की घोषणा कर उसे पूरा किया जायेगा। इस दौरान दूनी चंद (प्रधान बाबैन), बसंत राम उमरी (सरपंच प्रतिनिधि), जीत सिंगला (सरपंच बाबैन), जितेंद्र खैरा (जिला प्रधान सरपंच एसोसिएशन कुरूक्षेत्र) ने भी मांग पत्र सौंपा।

 

CM से मुलाकात के बाद सरपंचोंं के चेहरो पर आई रौनक

आप इसी तरह बेहतर काम करते रहें. कुछ लोग सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे लोगों के झांसे में न आएं। आप सभी अपने पंचायत में विकास योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करें ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।

बैठक के बाद सरपंच प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमारी बातों को ध्यान से सुना. उन्होंने आचार संहिता हटने के बाद और भी तेजी से काम करने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री के रुख से सभी सरपंच संतुष्ट दिखे. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था में सुधार के लिए कई कदम उठाये हैं। पिछले 10 वर्षों में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने सरपंचों से सभी को साथ लेकर चलने का आह्वान किया।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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