Haryana news : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने शनिवार शाम थाना साढौरा के एएसआई पवन कुमार को थाने के अंदर ही 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई अंबाला निवासी व्यक्ति की शिकायत पर की गई। रिश्वत मामले में थाने के प्रभारी अजय कुमार व उनके ड्राइवर संदीप की भी संलिप्तता हो सकती है, जिसकी जांच जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन ब्यूरो को दी शिकायत में अंबाला निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके खिलाफ गांव छबीलपुर निवासी कुलदीप सिंह ने कबूतरबाजी के आरोप में थाना साढौरा में मामला दर्ज कराया था। इसमें शिकायतकर्ता को अगस्त में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी। इसके बाद वह (सुरेंद्र सिंह) 15 सितंबर को गांव लखनौर साहब के सरपंच जरनैल सिंह के साथ थाना साढौरा में प्रभारी अजय कुमार से मिलने गया। प्रभारी ने उन्हें मामले के जांच अधिकारी एएसआई पवन कुमार से मिलने को कहा। सुरेंद्र का आरोप है कि एएसआई पवन कुमार ने नियमित जमानत के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इनमें से दस हजार रुपये काम होने से पहले और बाकी के 90 हजार रुपये काम होने के बाद देने को कहा गया। धमकी भी दी गई कि यदि रुपये नहीं दिए, तो वह उनके खिलाफ जांच में असहयोग का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करेगा और सुप्रीम कोर्ट के अग्रिम जमानत आदेश की पावती भी नहीं देगा। Haryana news
जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी एएसआई को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शनिवार को सुरेंद्र को दस हजार रुपये नकदी देकर थाना सढौरा में भेजा। सुरेंद्र थाने पहुंचा और जैसे ही उसने एएसआई पवन को यह रकम दी तो एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने तुरंत छापा मारा। टीम ने एएसआई पवन कुमार की अंगूलियां पानी में डुबोई तो साफ हो गया कि रिश्वत के रुपये उन्होंने ही लिए हैं। जिस पर उन्हें पकड़ लिया। इतना ही नहीं टीम द्वारा आरोपी एएसआई की थाना परिसर में खड़ी कार की भी जांच की गई, जिसमें से भी 500-500 रुपये के कई नोट बरामद हुए। Haryana news

















