Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा में सरपंच चुनाव को लेकर बडा फैसला सुनाया है। EVM की दोबारा हुई गिनती के बाद दो वर्ष 10 माह पूर्व हुए सरपंच के चुनाव के परिणाम को सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ ने बदल दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में ईवीएम की दोबारा गिनती के बाद हारे हए प्रत्याशी को 51 वोटों से विजयी घोषित किया गया। इस आदेश को बाद गांव में खुशी की लहर दोड गई हैं
जानिए क्या था झोल: एक बूथ के पीठासीन अधिकारी की गलती से दोनों प्रत्याशियों के परिणाम के आंकड़ों में अदला-बदली हो गई थी। जब सभी बूथों का कुल योग किया गया तो विजेता हार गया और दूसरे नंबर पर रहने वाला प्रत्याशी जीत गया।
रिटर्निंग अधिकारी ने संशोधित परिणाम को अपडेट करते हुए मोहित को विजेता घोषित किया, लेकिन कुलदीप ने हार मानने से इनकार कर दिया था। नियमानुसार उसे प्रमाणपत्र मिल चुका था। कुलदीप 12 नवंबर 2022 को हाई कोर्ट से स्टे ले आया।
दो सरपंच बना दिए गए
2 नवंबर 2022 को हुए ग्राम पंचायत चुनाव में एक अधिकारी की गलती से कुछ घंटे के लिए बुआना लाखू के दो सरपंच बन गए थे। पहले कुलदीप को सरपंच बनने का प्रमाणपत्र दिया गया था, लेकिन दोबारा मतगणना में मोहित को सरपंच घोषित कर दिया गया था।
पहली जून 2025 को हाई कोर्ट ने दोबारा मतगणना कराने से इनकार कर दिया और फैसला कुलदीप के पक्ष में दिया।पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने दोबारा गिनती कराने से इनकार कर दिया था, जिसके खिलाफ याची सुप्रीम कोर्ट गया।
हाई कोर्ट के फैसले को SC में दी चुनौती
12 जून को मोहित ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम court में चुनौती दी। 31 जुलाई को पहली सुनवाई हुई और सात जुलाई को अपनी निगरानी में दोबारा मतगणना का आदेश दिया। सात जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में मतगणना हुई, जिसमें कुलदीप को एक हजार और मोहित को 1051 वोट मिले।
सर्वोच्च न्यायालय ने दो महीने में ही अपनी निगरानी में ईवीएम खुलवाई और आदेश भी सुना दिया। यह अपने तरह का देश का पहला मामला बताया जा रहा है। गुरुवार को पानीपत जिले के इसराना BDPO कार्यालय में मोहित को बुआना लाखु के सरपंच पद की शपथ दिलाई जाएगी।

















