Haryana crime: हरियाणा में दिल्ली जयपुर हाईवे पर स्थित सिधरावली क्षेत्र में सिग्नेचर ग्लोबल की निर्माणाधीन साइट पर दीवार गिरने और मिट्टी धंसने से हुए दर्दनाक हादसे के मामले में जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उपायुक्त Ajay Kumar ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए अधिकारियों की एक कमेटी गठित की है। इस कमेटी की अगुवाई Darshan Yadav करेंगे।
11 मजदूर मलबे में दब गए थे
यह हादसा गुरुग्राम के सिधरावली इलाके में दिल्ली जयपुर हाईवे के पास स्थित निर्माणाधीन Signature Global सोसायटी की साइट पर सोमवार देर रात हुआ था। निर्माण कार्य के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से करीब 11 मजदूर मलबे में दब गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया गया। लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी 11 मजदूरों को बाहर निकाला गया, जिनमें से सात की मौत हो चुकी थी जबकि चार मजदूर घायल अवस्था में मिले। हादसे के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया।Haryana crime:

कमेटी में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस पटौदी, डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर (एनफोर्समेंट) गुरुग्राम और पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर द्वितीय को भी शामिल किया गया है। प्रशासन के अनुसार कमेटी हादसे के सभी पहलुओं की विस्तार से जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और निर्धारित समय में अपनी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को सौंपेगी। कमेटी गठन से पहले एसडीएम मानेसर ने मंगलवार को मौके का दौरा कर हालात का जायजा भी लिया।
मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए पुलिस के साथ State Disaster Response Force और National Disaster Response Force की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात करीब साढ़े तीन बजे तक जारी रहा। हादसे की सूचना मिलते ही बिलासपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य में जुट गई। समय रहते शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण चार मजदूरों की जान बचाई जा सकी।
सात श्रमिकों की मौत’ इस हादसे में शिवशंकर, परमेश्वर मेहतो, मंगल मेहतो, भागीरथ गोपे, सतीश, संजीव गोपे और धनंजय मेहतो की मौत हो गई। वहीं छोटेलाल, शिवकाम चौधरी और दीनदयाल शर्मा घायल बताए गए हैं। पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दे दी है।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के आने के बाद उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाया जाएगा।

















