Breaking News: हरियाणा ने सीएम ने किया ऐलान, तीसरे चरण में दो लाख युवाओं दी जाएगी नौकरी

On: October 22, 2025 1:20 PM
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Breaking News: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार पर विशेष जोर दे रही है, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर और समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिल सके। उन्होंने बताया कि अब तक 1,80,000 युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, जिसमें कोई रिश्वत शामिल नहीं थी। तीसरे कार्यकाल के लिए रोजगार का लक्ष्य 2,00,000 नौकरियां रखा गया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मेहनत जारी रखें, क्योंकि उनकी मेहनत अवश्य रंग लाएगी।

 

Haryana के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को रोहतक के अस्तहल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य की सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को उद्योग-अकादमी साझेदारी अपनानी चाहिए। इस दिशा में तकनीकी संस्थानों में प्लेसमेंट के लिए अब तक 580 से अधिक उद्योगों के साथ समझौते किए जा चुके हैं।

 

 

उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत राज्य में शैक्षणिक संस्थानों का ऐसा विकास किया जा रहा है, जो किंडरगार्टन से पोस्टग्रेजुएट तक शिक्षा प्रदान करेंगे। समारोह में विकास और पंचायती मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल धांडा और विश्वविद्यालय के चांसलर महंत बालक नाथ योगी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने छात्रों को मेडल और डिग्रियां भी प्रदान कीं।Breaking News

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभाव और राज्य की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हमारी भावी पीढ़ी को ऐसा शिक्षा प्रणाली मिले, जो उन्हें रोजगार योग्य बनाए, उनके चरित्र का विकास करे और नैतिक मूल्यों को सिखाए। इस दिशा में उन्होंने देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में 2024 तक NEP लागू कर दी है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण भी मिले।Breaking News

कौशल विकास और शिक्षा का समन्वय

सीएम सैनी ने बताया कि इसके लिए कौशल विकास को शिक्षा से जोड़ने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें स्कूलों में NSQF का क्रियान्वयन, कॉलेजों में ‘पहल योजना’, विश्वविद्यालयों में इनक्यूबेशन सेंटर और तकनीकी संस्थानों में उद्योगों के साथ MoU शामिल हैं।

उनका मानना है कि शिक्षा और कौशल का यह समन्वय न केवल छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत नागरिक भी बनाएगा। मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें इस अवसर का लाभ उठाकर मेहनत और लगन से आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि यही उनके भविष्य और राष्ट्र की प्रगति का आधार बनेगा।Breaking News

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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