Budget 2026: Bio Pharma Shakti से लेकर Semiconductor Mission 2.0 तक, जानें बजट की बड़ी बातें

On: February 1, 2026 4:01 PM
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Budget 2026 LIVE: नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए विकास, तकनीक और आत्मनिर्भर भारत पर बड़ा फोकस रखा। Union Budget 2026-27 में सरकार ने Bio Pharma Shakti, Semiconductor Mission 2.0 और कैपिटल एक्सपेंडिचर में इजाफे जैसे अहम ऐलान किए।Budget 2026 LIVE

 

वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आर्थिक विकास और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ पेश किए गए इस बजट में सरकार ने जहां एक तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया है, वहीं दूसरी तरफ शेयर बाजार के ट्रेडर्स पर टैक्स की सख्ती की है। हालांकि, आम करदाताओं को विदेश यात्रा और पढ़ाई के मामले में बड़ी राहत दी गई है।

वित्त मंत्री ने Bio Pharma Shakti योजना की घोषणा की, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देश में लाइफ-साइंस और बायो-फार्मा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। वहीं टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए Semiconductor Mission 2.0 शुरू करने का ऐलान किया गया, जिसमें इंडस्ट्री-लैड रिसर्च पर विशेष जोर रहेगा।

शेयर बाजार: F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ा
शेयर बाजार के ट्रेडर्स के लिए बजट में झटका लगा है। सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटभ्) बढ़ा दिया है:
• फ्यूचर्स: STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
• ऑप्शंस : STT 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।

 

कैपिटल एक्सपेंडिचर में 9% की बढ़ोतरी

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। पिछले बजट FY25-26 में यह 11.21 लाख करोड़ रुपये था। वित्त मंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश से आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

‘विकसित भारत’ की ओर भरोसेमंद कदम

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए निरंतर सुधारों के चलते भारत ने 7 प्रतिशत की मजबूत विकास दर हासिल की है। उन्होंने कहा कि देश अब ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

विदेश यात्रा और पढ़ाई पर TCS घटा 
मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए, सरकार ने विदेश यात्रा पैकेज और शिक्षा/चिकित्सा के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे (एलआरएस) पर टीसीएस (टीसीएस) की दर को घटाकर 2% कर दिया है। पहले यह दरें काफी ऊंची (5% से 20% तक) थीं।

कृषि और मत्स्य पालन 
मछुआरों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय जहाजों द्वारा ‘एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन’ (EEZ) में पकड़ी गई मछलियों पर ड्यूटी खत्म कर दी गई है। इसके अलावा, 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की योजना भी बनाई गई है।  बजट 2026-27 स्पष्ट रूप से ‘युवा शक्ति’ और ‘उत्पादन क्षमता’ पर केंद्रित है। जहां STT में बढ़ोतरी से बाजार में उतार-चढ़ाव दिख सकता है, वहीं टीसीएस में कटौती और कैपेक्स में वृद्धि से अर्थव्यवस्था के पहियों को गति मिलने की उम्मीद है।

कैंसर की दवाएं और कस्टम ड्यूटी 
स्वास्थ्य सेवा को किफायती बनाने के लिए कैंसर के मरीजों के लिए 17 दवाओं और औषधियों को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से छूट दी गई है। इसके अलावा, सोलर ग्लास और लिथियम-आयन बैटरी के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर भी कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है।

विदेशी संपत्ति का खुलासे के लिए छह महीने का मौका 
छोटे करदाताओं के लिए एकमुश्त ‘विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना’ (फॉरेन असेट डिक्लरेशन स्कीम) लाई जाएगी, जो छह महीने के लिए खुली रहेगी। इसके अलावा, 20 लाख रुपये से कम की अचल विदेशी संपत्ति का खुलासा न करने पर अब मुकदमा नहीं चलाया जाएगा।

पीएम मोदी बोले – ‘सुधार एक्सप्रेस’ को नई रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2026 को विकसित भारत 2047 के सपने की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘सुधार एक्सप्रेस’ को नई ऊर्जा देगा और युवाओं के लिए असीमित अवसर पैदा करेगा।

रक्षा क्षेत्र को बड़ी मजबूती

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है। उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र के लिए 78 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जबकि सशस्त्र बलों के पूंजीगत व्यय के लिए 21 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है। बजट का मुख्य फोकस तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण पर है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर गडकरी का जोर

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को स्केल‑अप करने के लिए बजट में प्रस्ताव:

  • • Biopharma SHAKTI- लाइफ‑साइंसेज़ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए
  • • India Semiconductor Mission (ISM) 2.0- चिप मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को गहराई देने के लिए
  • • Electronics Components Manufacturing Scheme- वैल्यू‑चेन इंटीग्रेशन बढ़ाने के लिए
  • • 3 केमिकल पार्क, क्लस्टर‑आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए
  • • 200 पुराने इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के पुनर्जीवन की योजना, जिससे प्रोडक्टिविटी और रोजगार बढ़े
  • 🔹 Urban Infrastructure as Growth Engines

सरकार Tier‑II और Tier‑III शहरों पर ध्यान जारी रखेगी.

5 लाख से अधिक आबादी वाले शहर- जो नए ग्रोथ सेंटर, इनnovation हब और रोजगार के बड़े स्रोत बन रहे हैं- इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकता सूची में शामिल होंगे.

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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