Breaking News: वेटरन्स डे के अवसर पर मानेकशॉ सेंटर, दिल्ली में आयोजित गरिमामय समारोह में भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, PVSM, UYSM, AVSM, SM ने डॉ. टी.सी. राव की नवीनतम पुस्तक “Strengthening India’s Defence Forces: A Blueprint for Reforms in the Armed Forces” का विमोचन किया।
इस अवसर पर डॉ. राव ने पुस्तक की प्रथम प्रति स्वयं जनरल अनिल चौहान को भेंट की। साथ ही भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, PVSM, AVSM तथा भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल डी. के. त्रिपाठी, PVSM, AVSM, NM को भी पुस्तक की-एक प्रति सम्मानपूर्वक प्रदान की गई। यह क्षण अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक रहा।
यह पुस्तक भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना—तीनों सशस्त्र बलों में आवश्यक सुधारों, आधुनिकीकरण, संरचनात्मक परिवर्तन, नीति सुधार तथा सैनिक कल्याण से जुड़े विषयों पर एक ठोस और व्यावहारिक खाका प्रस्तुत करती है। इसमें यह बताया गया है कि किस प्रकार सुधारों के माध्यम से भारतीय सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए और अधिक सक्षम, प्रभावी और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
पुस्तक में शांति और युद्धकाल में भारतीय सशस्त्र बलों की असाधारण भूमिका, उपलब्धियों और बलिदान को भी प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया गया है। विशेष रूप से इसमें ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, सीमा सुरक्षा, वायु, जल और स्थल सीमाओं की सतत निगरानी, आपदा प्रबंधन तथा नागरिक प्रशासन की सहायता (Aid to Civil Authorities) में सेनाओं के योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
डॉ. टी.सी. राव एक प्रख्यात लेखक, चिंतक और रक्षा मामलों के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अब तक 100 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें से 25 पुस्तकें विशेष रूप से भारतीय सशस्त्र बलों पर आधारित हैं। उनकी रचनाओं में भारत द्वारा लड़े गए सभी युद्धों, शांति स्थापना अभियानों (Peace Keeping Missions), सैनिक जीवन, रणनीति, नेतृत्व, सुधार और राष्ट्र सुरक्षा जैसे विषयों का व्यापक और प्रामाणिक विश्लेषण मिलता है।Breaking News
समारोह में उपस्थित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, वेटरन्स, गणमान्य नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने पुस्तक की विषयवस्तु की सराहना करते हुए इसे नीति-निर्माताओं, रक्षा विशेषज्ञों, शोधार्थियों और युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
यह पुस्तक न केवल सशस्त्र बलों के सुदृढ़ीकरण का मार्गदर्शन करती है, बल्कि देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना को भी सशक्त करती है।

















