Breaking news:गाजियाबाद। नोएडा के एक हाईराइज टावर से कूदकर तीन सगी बहनों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच में सामने आया है कि मृतक तीनों बहनों को उनके पिता ने करीब छह माह पहले नए मोबाइल फोन दिलाए थे। पुलिस का मानना है कि इन मोबाइलों से अहम सुराग मिल सकते हैं और इन्हीं के जरिए घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद मां के मोबाइल फोन की जांच की गई थी, लेकिन उससे कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी। इसके बाद जांच का फोकस तीनों बहनों के मोबाइल फोन पर किया गया है। पुलिस ने मोबाइल नंबरों का आईएमईआई नंबर निकलवाकर सर्विलांस पर लगा दिया है। जैसे ही मोबाइल बरामद होंगे, उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि कॉल डिटेल, चैट, वीडियो और अन्य डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया जा सके।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बहनें लंबे समय से कोरियन कंटेंट देखने की आदी थीं। पिता ने पुलिस को दिए बयान में स्वीकार किया है कि बच्चों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराना उनकी भूल थी। उन्होंने बताया कि बच्चों पर कोरियन वीडियो, ड्रामा और कंटेंट का गहरा असर था। इसी को देखते हुए उन्होंने सरकार से ऐसे कंटेंट पर सख्ती से रोक लगाने की मांग भी की है।
घटना के बाद तीनों बहनों का पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऊंचाई से गिरने के कारण हुई गंभीर अंदरूनी चोटों से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने इस आधार पर आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है, हालांकि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।
बुधवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। इसके बाद दिल्ली के निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और परिचित मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम से इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन की रिकवरी और फोरेंसिक जांच इस मामले की कड़ी साबित हो सकती है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि आत्महत्या के पीछे किन परिस्थितियों और मानसिक दबावों ने भूमिका निभाई।
















