हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं का सिलसिला जारी, 9 मार्च को 95 हजार से अधिक परीक्षार्थी देंगे परीक्षा

On: March 9, 2026 7:42 PM
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Board Exams Continue in Haryana, Over 95,000 Candidates to Appear on March 9

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा प्रदेशभर में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन जारी है। इसी कड़ी में 9 मार्च सोमवार को सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) रसायन विज्ञान, लेखांकन, लोक प्रशासन तथा डीएलएड (री-अपीयर) विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इन परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 1173 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 95,162 परीक्षार्थी और छात्र-अध्यापक परीक्षा में शामिल होंगे। बोर्ड प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकल-रहित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

Board Exams Continue in Haryana, Over 95,000 Candidates to Appear on March 9हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा इस वर्ष 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू की गई थीं। 25 फरवरी से सीनियर सेकेंडरी यानी 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आरंभ हुईं, जबकि 26 फरवरी से सेकेंडरी यानी 10वीं कक्षा की परीक्षाएं शुरू हुईं। परीक्षा शुरू होने के बाद से अब तक 12वीं कक्षा के पांच और 10वीं कक्षा के चार पेपर संपन्न हो चुके हैं। बोर्ड द्वारा परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।

अब तक आयोजित कुल नौ दिनों की परीक्षाओं के दौरान बोर्ड की सख्ती का असर साफ तौर पर देखने को मिला है। इस अवधि में नकल करते हुए कुल 173 परीक्षार्थियों को पकड़ा गया है। इनमें 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के दौरान 122 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए, जबकि 10वीं कक्षा की परीक्षा में 51 छात्रों को अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा गया। बोर्ड प्रशासन ने इन सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बोर्ड द्वारा आयोजित वार्षिक परीक्षाओं के लिए इस बार पूरे हरियाणा में लगभग 1431 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर 10वीं और 12वीं कक्षा के शैक्षिक तथा मुक्त विद्यालय से जुड़े कुल 5 लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। इनमें 2 लाख 96 हजार 593 लड़के और 2 लाख 69 हजार 818 लड़कियां शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर परीक्षाओं के आयोजन को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

परीक्षाओं को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा बोर्ड ने विभिन्न स्तरों पर निगरानी तंत्र भी मजबूत किया है। जिला स्तर पर उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वॉड) और विशेष निरीक्षण टीमें गठित की गई हैं, जो समय-समय पर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। इसके अलावा कई संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी परीक्षार्थियों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।

इसी बीच 7 मार्च को आयोजित सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) ऐच्छिक विषय और डीएलएड (री-अपीयर) विषय की परीक्षाएं भी प्रदेशभर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं। इन परीक्षाओं में कुल 2,19,023 परीक्षार्थी और छात्र-अध्यापक शामिल हुए। परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग के केवल दो मामले सामने आए। इनमें से एक मामला प्रतिरूपण यानी किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने से जुड़ा था। बोर्ड ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है।

इसके अतिरिक्त एक परीक्षा केंद्र अधीक्षक को ड्यूटी में कोताही बरतने के कारण तुरंत प्रभाव से कार्यभार से मुक्त कर दिया गया। बोर्ड प्रशासन का कहना है कि परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार परीक्षाओं को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों, निरीक्षण टीमों और अन्य निगरानी व्यवस्थाओं के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है। इसके अलावा छात्रों को भी परीक्षा के दौरान नियमों का पालन करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड प्रशासन का मानना है कि सख्त निगरानी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के कारण परीक्षाएं काफी हद तक नकल-रहित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो रही हैं। आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार की सख्ती जारी रहेगी ताकि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।

कुल मिलाकर हरियाणा में इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है और लाखों छात्र-छात्राएं इसमें भाग ले रहे हैं। शिक्षा बोर्ड का प्रयास है कि परीक्षाओं का संचालन पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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