धारूहेड़ा के सेक्टर-6 में बंदर ने एक महिला को काट लिया। क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों में डर का माहौल है।
Haryana News: धारूहेड़ा: औद्योगिक कस्बे धारूहेड़ा के सेक्टर 6 में रविवार को बंदरों के आतंक की एक और घटना सामने आई। यहां रहने वाली कमला नाम की महिला को एक बंदर ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गई। घटना उस समय हुई जब महिला अपने घर के बाहर निकली हुई थी। अचानक एक बंदर ने उस पर हमला कर दिया और काटकर घायल कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत महिला को संभाला और उपचार के लिए अस्पताल भेजा। Breaking News
क्षेत्र में बढ़ रहा बंदरों का आतंक
वार्ड दो की पार्षद कमलेश देवी, डीके शर्मा, नरेश, सुरेश ने बताया कि कि सेक्टर 6 और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदर अक्सर घरों की छतों और गलियों में घूमते रहते हैं और कई बार लोगों पर हमला भी कर देते हैं। खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग इससे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। Breaking News

इससे पहले भी कई लोगों को बंदरों के काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले माह भी एक कर्मचारी को बदंर ने काट लिया था। के निवासियों ने नगरपालिका विभाग से मांग की है कि बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
धारूहेड़ा के औद्योगिक कस्बे में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के कई सेक्टरों और कॉलोनियों में बंदरों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
महिला को अस्पताल में कराया भर्ती
बंदर के काटने के बाद महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। फिलहाल महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेक्टर 6, सेक्टर 4 और आसपास के इलाकों में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बंदर अक्सर घरों की छतों पर कूदते रहते हैं और खाने-पीने की चीजें छीन लेते हैं। कई बार वे लोगों पर हमला भी कर देते हैं।
लोगों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
लोगों का आरोप है जहां नपा बेतुके टैंडर देकर सरकारी संपति को दूरूपयोेग कर रही है। पिछले तीन में पांच लोगो कों बंदर काट चुके है लेकिन नपा टेंडर देने को गंभीर नहीं है।
बंदरों का आंतक बढता ही जा रही है। खासकर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग इस समस्या से ज्यादा परेशान हैं। लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार बंदरों के काटने और हमला करने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

















