जयपुर: लंबे सघंर्ष के बाद आखिरकार राजस्थान में जारी निजी डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार को खत्म हो गई। राइट टू हेल्थ पर उनकी सरकार के साथ सहमति बन गई है।Face Book पर नौकरी के नाम ठगी करने वाला चढा पुलिस के हत्थे
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इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वयं पर सोेशल मीडिया पर जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि राइट टू हेल्थ पर सरकार व डॉक्टर्स के बीच अंततः सहमति बनी गई है। राजस्थान राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है।
जानिए क्या होगा इसका फायादा
सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक व्यक्ति को नि:शुल्क उपलब्ध होंगी, जिसमें ओपीडी और आईपीडी सेवाएं, डॉक्टरों की सलाह, दवाइयां, जांच, आपात स्थिति में एंबुलेंस शामिल होंगी।Kosli News: गूगोढ स्कूल का शहीद एल.डी, लखपत सिंह के नाम किया नामकरण
साथ ही सड़क दुर्घटना में घायलों को निर्धारित नियमानुसार नि:शुल्क एंबुलेंस, उपचार एवं बीमा का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा निजी और सरकारी अस्पतालों में आवश्यक शुल्क या शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना किसी भी आकस्मिक मामले में आपातकालीन उपचार उपलब्ध होगा। इन आकस्मिक मामलों में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय किए गए आपातकाल के अलावा सांप का काटना, जानवर का काटना शामिल है।

















