Budget 2023 : टैक्सपेयर ने वित्‍त मंत्री को लिखा पत्र, जानिए क्या मांगा?

On: January 6, 2023 8:56 PM
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Budget 2023: इस साल फरवरी मे बजट पेश किया जाना है। नौकरी करने वालो की निगाहे बजट पर टिकी होती है। हर बार ये उम्मीद करते है इस बार जरूर कुछ छूट मिलेगी। मगर दो साल से निराशा ही मिल रही है। इस बार एक उम्मीद के साथ एक कंपनी कर्मचारी ने वित्त् मंत्री को पत्र भेजा है….

 

 

आदरणीय वित्‍त मंत्री जी,
नमस्‍कार। आपको नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। बहुत खुशी है कि 1 फरवरी, 2023 को आप केंद्रीय बजट पेश करेंगी। पूरे देश की इस पर नजर है। हम सैलरी पाने वाले कर्मचारी भी इससे बहुत उम्‍मीद लगाए बैठे हैं। हम उद्योगपति नहीं हैं।

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हम तो उत्पादन बेस पर सैलरी पाते हैं। हाथ में जो बच जाए उसी से खुश हो लेते हैं। पिछले कुछ सालों में हमें बार-बार मायूसी हाथ लगी है। टैक्‍स स्‍लैब में कमोबेश कोई बदलाव नहीं हुआ है।

 

उम्‍मीद है कि आप पिछले कुछ सालों की स्थितियों को ध्‍यान में जरूर रखेंगी। इस दौरान कोरोना काल में कइयों की नौकरी गई। तमाम लोगों को सैलरी-कट लेना पड़ा। हेल्‍थ पर खर्च बढ़ गए। जो बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहते हैं, उनके लिए स्थिति और बिगड़ गई। बच्‍चों की पढ़ाई से लेकर रसोई का खर्च बढ़ा है।

 

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1. घर का सपना कर दें पूरा,  Please….
हम सैलरी पाने वालों का अपने घर का सपना बहुत मायने रखता है। किफायती हाउसिंग की डिमांड बढ़ाने के लिए हमें उम्‍मीद है कि सरकार अतिरिक्‍त रियायत देगी। अभी घर खरीदार सालाना ब्‍याज भुगतान पर 2 लाख रुपये तक टैक्‍स डिडक्‍शन क्‍लेम कर सकते हैं।

 

यह सेक्‍शन 24बी के तहत लिए गए हाउसिंग लोन की ईएमआई पर लागू है। इसके अलावा वे हाउसिंग लोन पर दी जाने वाली प्रिंसिपल अमाउंट पर सेक्‍शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये का ड‍िडक्‍शन क्‍लेम कर सकते हैं। आने वाले बजट में घर खरीदारों को 24बी की लिमिट 5 लाख रुपये तक बढ़ाए जाने की उम्‍मीद है।

2   टैक्‍स स्‍लैब में बदलाव कर दें
अभी टैक्‍सपेयर्स के पास टैक्‍स फाइल करने के लिए दो व्‍यवस्‍थाएं उपलब्‍ध हैं। यह कभी-कभी उलझन पैदा करता है। दोनों ही व्‍यवस्‍थाओं में 2.5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्‍स छूट के दायरे से बाहर है।

5 लाख रुपये तक की इनकम पर हमें टैक्‍स नहीं देना पड़ता है। इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 87ए के तहत 12,500 रुपये का एक्‍जेम्‍प्‍शन मिलना इसका कारण है। हम उम्‍मीद लगाए बैठे हैं कि बजट 2023 में आप बेसिक टैक्‍स एग्‍जेम्‍प्‍शन लिमिट को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये या इससे कुछ और ज्‍यादा जरूर करेंगी।

 

 

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3. पर्सलन लोन पर दे प्लीज ध्यान
कभी-कभी अपने शौक पूरे करने के लिए भी हम पर्सनल लोन ले लेते हैं। बच्‍चों की हायर एजुकेशन इतनी महंगी हो गई है कि एजुकेशन लोन के बगैर काम नहीं चलता है। आंकड़े दिखाते हैं कि हम भारतीय कितना ज्‍यादा पर्सनल और एजुकेशन लोन लेते हैं। भारत में जितना भी कर्ज दिया जाता है, उनमें पर्सनल और एजुकेशन लोन की हिस्‍सेदारी करीब 35 फीसदी है।

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लेकिन, पर्सनल लोन को लेकर इस तरह की कोई रियायत नहीं है। जबकि यही पर्सनल लोन कभी-कभार हमारे जी का जंजाल भी बन जाता है। कई लोग इसके कारण कर्ज के जाल में फंसे रहते हैं। ऐसे में आपसे उम्‍मीद है कि पर्सनल लोन लेने वालों के लिए भी आप राहत की कुछ विंडो जरूर खोलेंगी।

 

4. कैपिटल गेंस टैक्‍स को आसान बना दें
वैसे तो हम सैलरीड क्‍लास के पास खर्च ही इतना ज्‍यादा होता है कि निवेश करने को कुछ नहीं बचता है। लेकिन, कोशिश हमेशा यही रहती है कि थोड़ा-बहुत भविष्‍य के लिए बचाया जाए। बचत की इस आसान कवायद में हमारा सामना बेहद टेढ़े शब्‍द कैपिटल गेंस टैक्‍स से होता है। सच पूछिए तो हम में से ज्‍यादातर तो इसका नाम सुनते ही पसीने छोड़ देते हैं।

लेकिन, अब धीरे-धीरे यह समझ आ गया है कि निवेश से जो कमाई होती है, उस पर एक सीमा से ज्‍यादा टैक्‍स लगता है। इसी को कैपिटल गेंस टैक्‍स कहते हैं। हालांकि, उलझन यह है कि भारत में जो एसेट क्‍लास निवेश के लिए उपलब्‍ध हैं, उनमें से हरेक क्‍लास के लिए कैपिटल गेन स्‍ट्रक्‍चर अलग-अलग है।

 

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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