Breaking News: रेवाड़ी में निकाय में कायर्रत HKRNL कर्मी की बर्खास्त कर दिया है। बर्खाश्ती के बाद डीएमसी ब्रह्म प्रकाश फिर विवादों मेंआ गए हैं। बर्खास्ती के बाद HKRNL कर्मी कर्मचारी ने डीसी को शिकायत की तथा कई आरोप लगाए है। उपायुक्त के पास शिकायत पहुंचे ही ये मामला तेजी से वायरल हो रहा है।
जानिए कौन है राहुल: बता दें कि उत्तराखंड के रहने वाले राहुल खेड़ा को 21 जनवरी 2026 को सस्पेंड किया गया। जिसके बाद उन्हें 2 फरवरी 2026 को बहाल कर धारूहेड़ा में पोस्टिंग दी गई। 23 फरवरी को राहुल खेड़ा मामले का जांच अधिकारी बावल नगर पालिका सचिव को नियुक्त किया गया।Breaking News
धारूहेड़ा व बावल भी रहे: बता दे कि राहुल खेडा ने 3 जून को शिकायत करने के बाद उसे जांच अधिकारी की तरफ से 4 जून को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
ये भी लगाय आरोप: बता दे कि कर्मी ने अपनी शिकायत में मानसिक रूप स्र प्रताड़ित करने के आरोप लगाए, उन्होंने प्रताड़ना से परेशान होकर एक बार सुसाइड का प्रयास करने का मामला भी सामने आया हैं।
पहले सुख्यिों में रही है नपा रेवाड़ी: नपा रेवाड़ी भष्ट्राचार को लेकर सुर्खियों रहा है। हरियाणा में भष्ट्राचार को लेकर पहले भी कई मामले सामने आए है लेकिन जांच के नाम पर दबा दिए जाते हैं
8 जून को उसे आगामी आदेशों तक धारूहेड़ा नगर पालिका से कार्यमुक्त कर दिया गया। 8 जून को ही मैनें कारण बताओ और गाड़ी खराब करने के नोटिस का जवाब दिया। जिसके बाद उसे 9 जून को बर्खास्त कर दिया गया। बर्खाश्ती के बाद कर्मचारी ने का एक वीडियो सामने आया है।
जिसमें वह हरियाणा से बाहर का होने के कारण DMC पर मारपीट और गाली-गलौच करने के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने धारूहेड़ा और बावल नगर पालिका सचिव ने उनके साथ मिलकर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। अपने वीडियो में डीएमसी ब्रह्मप्रकाश और तत्कालीन ईओ सुशील कुमार भुक्कल के विवाद का भी जिक्र किया है।
रेवाड़ी नगर परिषद एक बार फिर घोटालों, अवैध एनओसी (NOC) जारी करने, प्रॉपर्टी आईडी में हेराफेरी और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सुर्खियों में है। नगर परिषद द्वारा शहर के कई ऐसे अस्पतालों को एनओसी (NOC) जारी करने का बड़ा खुलासा हुआ था, जिनके नक्शे तक पास नहीं थे।
900 गज की जमीन को प्रॉपर्टी आईडी में मात्र 50 गज दर्शाने और सरकारी जमीन निजी लोगों के नाम करने के गंभीर आरोप लगे हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों और अनियमितताओं के कारण पूर्व में नगर परिषद के कई अधिकरियों, जूनियर इंजीनियरों (JE) और अकाउंटेंट पर निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई भी हो चुकी है। लेकिन कुछ दिन बाद ये मामले शांत हो जाते हैं
रिश्वत खोरी में जेई काट रहा है जेल: नगर निकाय में कर्मचारी और अधिकारी कैसे है इसे बारे में सब को पता हैं कुछ माह पहले रिश्वत लेते हुए जेई धारूहेड़ा में पकडा गया था। लगता है नगर निकाय की सही तरीके से जांच करवानी चाहिए ताकि भष्ट्राचार करने वाले पर अंकुश् लग सकें












