Haryana News: हरियाणा में नायब सैनी सरकार ने कुते काटने को लेकर एक बडा फैसला लिया है। अब लोगों को घबराने जरूरत नहीं है। क्योंकि अब हरियाणा में कुत्ते के काटने पर मुआवजा दिया जाएगा। इहरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष कमेटियों का गठन कर दिया हैHaryana News
बडा फैसला: हरियाणा में लावारिस कुत्तों और बेसहारा पशुओं के बढ़ते हमलों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। अब प्रदेश में यदि किसी व्यक्ति की कुत्ते के काटने से मौत हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से 5 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।Haryana News
सरकार देगी मुआवजा: बता दें कि कुत्ते के काटने की सामान्य घटनाओं में भी आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है, ताकि इलाज और अन्य जरूरतों में पीड़ितों को तत्काल राहत मिल सके।सरकार द्वारा जारी प्रावधानों के अनुसार, कुत्ते द्वारा काटे जाने की सामान्य स्थिति में पीड़ित को न्यूनतम 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं यदि हमले में त्वचा कटने, गंभीर चोट या इलाज की आवश्यकता पड़ती है, तो यह राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपये तक की जाएगी।
जिले में कमेटी का गठन:सरकार का उद्देश्य है कि ऐसी घटनाओं में पीड़ितों को इलाज के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े और उन्हें तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके।पीड़ित परिवारों को मुआवजा समय पर और आसानी से मिल सके, इसके लिए हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष कमेटियों का गठन कर दिया है।
तीन महीनें में करना होगा आवेदन: सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवार घटना के तीन महीने के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसके बाद जिला स्तरीय कमेटी मामले की जांच करेगी। बढ़ती घटनाओं के बीच सरकार के इस फैसले को आम लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पीड़ित परिवारों को समय पर मदद मिल सकेगी और वे आर्थिक संकट से उबर पाएंगे।
अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना से मिलेगी राशि: बता दे कि यह पूरी सहायता प्रक्रिया दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत लागू की गई है। योजना के अनुसार, यदि ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक है, उनके किसी सदस्य की मौत या दिव्यांगता कुत्तों या अन्य बेसहारा पशुओं जैसे गाय, भैंस, सांड, बैल, नीलगाय या गधे के हमले में होती है, तो सरकार की ओर से 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।

















