हिसार: चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के चर्चित लाठीचार्ज मामले में एक बडा अपडेट आया है। करीब छह महीने से निलंबित चल रहे मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) सुखबीर सिंह को बहाल कर दिया गया है। इसी के साथ बहाल हुए सुखबीर सिंह ने सोमवार को गुपचुप तरीके से दोबारा कार्यभार भी संभाल लिया, लेकिन इस संवेदनशील बहाली को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। जैसे ही मीडिया के सामने ये बात आई तो सभी अधिकारियों ने इसको लेकर चुप्पी साधी हुई है।
बता दे इस विवाद के बाद सुखबीर सिंह की बहाली के आदेश 26 दिसंबर को जारी किए गए थे। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले पर कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज, रजिस्ट्रार पवन कुमार और विश्वविद्यालय प्रवक्ता की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।HAU
छात्रों पर लाठीचार्ज का आरोप: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करीब छह महीने बीतने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक यह तय नहीं कर पाया कि लाठीचार्ज में CSO सुखबीर सिंह की वास्तविक भूमिका क्या थी। जबकि आरोप है कि सुखबीर सिंह ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और मारपीट की थी। ये वीडियों व फोटो कई दिना तक सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।HAU
इन दिन हुई थी FIR
वैसे वे इस मामले को लेकर काफी दिन विवाद जारी रहा। काफी सघर्ष के बाद लाठीचार्ज मामले में 11 जून 2025 को हिसार पुलिस ने HAU के 8 अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनमें रजिस्ट्रार पवन कुमार, मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुखबीर सिंह और प्रोफेसर राधेश्याम सहित पांच सुरक्षा गार्ड शामिल थे। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। उसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था लेकिन अब एक बार फिर चर्चा में आया गया है।HAU
फिर चर्चा में
सुखबीर का करियर शुरू से ही विवादों में रहा है। आरोप है कि वे जनरल कैटेगरी से होने के बावजूद एससी (SC) कोटे की आरक्षित सीट पर एडहॉक आधार पर नियुक्त किए गए थे।HAU
इसके अलावा, यह भी चर्चा रही है कि उन्हें चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर पद पर प्रमोशन देने के लिए पात्रता नियमों (Eligibility Criteria) में बदलाव किया गया।HAU

















