Haryana News: एग्रीगेटर नियमों से बदलेगा हरियाणा का ट्रांसपोर्ट सिस्टम, नए नियमों से किराया सुरक्षा और शिकायत व्यवस्था होगी मजबूत

On: December 13, 2025 5:12 PM
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Haryana News: एग्रीगेटर नियमों से बदलेगा हरियाणा का ट्रांसपोर्ट सिस्टम, नए नियमों से किराया सुरक्षा और शिकायत व्यवस्था होगी मजबूत

Haryana News: हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने राज्य में टैक्सी, ऑटो, बाइक टैक्सी समेत सभी एग्रीगेटर आधारित सेवाओं के लिए नए हरियाणा मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स 2025 (Haryana Motor Vehicle Aggregator Rules 2025) लागू करने का फैसला लिया है। इन नियमों का मकसद यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करना, ड्राइवरों की जिम्मेदारी तय करना और पूरे परिवहन सिस्टम को एक समान तरीके से संचालित करना है। इसको लेकर सरकार की ओर से ड्राफ्ट नोटिफिकेशन (Draft Notification) भी जारी कर दिया गया है।

अभी यह अंतिम फैसला नहीं है। इस ड्राफ्ट पर आम लोग और संबंधित पक्ष एक सप्ताह के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार जो भी कंपनी एप आधारित टैक्सी या किसी भी तरह की एग्रीगेटर सेवा (Aggregator Service) के जरिए ड्राइवर और वाहन जोड़कर सार्वजनिक परिवहन चलाना चाहती है, उसे सरकार से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए लाइसेंस फीस 5 लाख रुपये (Rs. 5 lakh) तय की गई है।Haryana News

नए नियमों के तहत लाइसेंस (License) के नवीनीकरण के लिए कंपनी को 25 हजार रुपये की फीस देनी होगी। अगर किसी एग्रीगेटर कंपनी को अपना पता बदलना है तो उसके लिए भी अलग से आवेदन करना होगा और इसके बदले 25 हजार रुपये शुल्क देना होगा। इसके अलावा बड़े एग्रीगेटर (Large Aggregators) को अपनी फ्लीट के आकार के हिसाब से सुरक्षा निधि यानी सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) जमा कराना अनिवार्य होगा। 100 वाहनों तक वाली कंपनियों को 10 लाख रुपये, 1,000 वाहनों तक के लिए 25 लाख रुपये और इससे ज्यादा वाहनों वाली कंपनियों को 50 लाख रुपये की राशि जमा करनी होगी।

दस्तावेज में साफ किया गया है कि कोई भी ड्राइवर तब तक किसी एग्रीगेटर कंपनी (Aggregator Company) के साथ काम नहीं कर सकेगा, जब तक उसका पुलिस वेरिफिकेशन (Verification) पूरा न हो जाए, वह मेडिकल तौर पर फिट न हो, उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस (Valid Driving License) न हो और पिछले तीन साल में उसके खिलाफ किसी गंभीर अपराध का रिकॉर्ड न हो। इसके साथ ही हर ड्राइवर के लिए कम से कम चार घंटे का प्रशिक्षण लेना जरूरी होगा। इस प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा, यात्रियों से सही व्यवहार, आपात स्थिति में मदद करना और वाहन को सुरक्षित तरीके से चलाने की जानकारी दी जाएगी।

नए नियमों के तहत एग्रीगेटर कंपनियों (Aggregator Companies) को अपनी सेवाओं में ऐसे फीचर देना जरूरी होगा, जिससे महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यात्रा शुरू होने से पहले ड्राइवर और यात्री को एक दूसरे की जरूरी जानकारी मिलेगी और सफर के लिए सुरक्षित रास्ते की पुष्टि भी हो सकेगी। इसके साथ ही ऐप में SOS बटन, राइड की जानकारी साझा करने की सुविधा और रियल टाइम ट्रैकिंग (Real-Time Tracking) जैसे फीचर अनिवार्य रूप से शामिल करने होंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।Haryana News

नए नियमों के तहत हर एग्रीगेटर (Aggregator) को चौबीसों घंटे कंट्रोल (24/7 control) और मॉनिटरिंग रूम (Monitoring Room) चलाना होगा। यह सेंटर ड्राइवर और यात्रियों के संपर्क में रहेगा और शिकायतों का तुरंत समाधान करेगा। किसी हादसे या विवाद की स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप किया जाएगा। इसके साथ ही एक अलग कॉल सेंटर भी जरूरी होगा, जहां हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में यात्रियों को सहायता मिल सकेगी।

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सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

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