Haryana: इंदिरा कॉलोनी के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लगभग 530 छात्रों को नए स्कूल भवन के लिए अभी और इंतज़ार करना होगा। करीब चार महीने बीत जाने के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल भवन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। नई इमारत न होने के कारण छात्रों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 2022 में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्कूल भवन को खतरनाक और जर्जर घोषित कर दिया था। इसके बावजूद लंबे समय तक कक्षाएं वहीं चलती रहीं, जिसके दौरान कई बार कक्षाओं में प्लास्टर झड़ने जैसी घटनाएँ भी हुईं। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए 31 जुलाई 2025 को स्कूल को NIT-1 के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया।
NIT-1 स्कूल की दूरी ज़्यादा होने के कारण छात्रों की दैनिक यात्रा का खर्च बहुत बढ़ गया। छात्रों ने शिक्षा विभाग से बस की मांग की, जिसके बाद स्कूल को फिर से सेक्टर-9 के सरकारी स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया। बार-बार स्कूल स्थानांतरित होने से छात्रों की पढ़ाई पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और मानसिक तनाव भी बढ़ा है। छात्रों का कहना है कि शिक्षा विभाग जल्द से जल्द इंदिरा कॉलोनी में नया स्कूल भवन बनाए, ताकि उन्हें स्थायी और सुरक्षित जगह पर शिक्षा मिल सके।
स्कूल को शिफ्ट किए जाने के बाद तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल ने दावा किया था कि एक महीने के भीतर जमीन खरीदी जाएगी और नए स्कूल भवन का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। शिक्षकों ने बताया कि इंदिरा कॉलोनी स्कूल के ठीक सामने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) और एक निजी कंपनी की जमीन है। यदि इस जमीन का अधिग्रहण कर लिया जाए, तो नए भवन का निर्माण तुरंत शुरू किया जा सकता है, जिससे छात्रों को राहत मिलेगी। इंदिरा कॉलोनी के साथ-साथ मुजेसर, आज़ाद नगर, ऑटो पिन सहित आसपास के क्षेत्रों के छात्र इसी स्कूल पर निर्भर हैं। स्कूल बार-बार शिफ्ट होने से इन सभी के लिए परेशानी बढ़ रही है।
जिला उप शिक्षा अधिकारी डॉ. मनोज मित्तल के अनुसार, नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए फिलहाल जमीन उपलब्ध नहीं है। जिस स्थान की आवश्यकता है, वह जमीन HUDA और एक निजी कंपनी के स्वामित्व में है। अधिग्रहण के लिए संबंधित फाइलें उच्च अधिकारियों को भेज दी गई हैं। स्वीकृति मिलने के बाद ही जमीन खरीदी जाएगी और निर्माण कार्य शुरू होगा। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि जमीन अधिग्रहण कब पूरा होगा और नया भवन कब तैयार होगा। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की मांग है कि शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया को तेज करे, ताकि छात्रों को बार-बार स्कूल बदलने की मजबूरी से राहत मिले और उन्हें स्थायी तथा सुरक्षित शिक्षण वातावरण मिल सके।
















