Indian Railways: केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के सैकड़ों रेलवे स्टेशनों का आधुनिक स्वरूप में कायाकल्प किया जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली-NCR के चार प्रमुख स्टेशनों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद—को भी तेजी से पुनर्विकसित किया जा रहा है। इन स्टेशनों के विकसित होने के बाद अब लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक दूर-दूर तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे घर के नजदीक ही आराम से ट्रेनों का लाभ उठा सकेंगे।
स्टेशनों में आधुनिक सुविधाएं
इन स्टेशनों को यात्री सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिनमें वातानुकूलित विश्राम गृह, साफ-सुथरे शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, ठंडा पीने का पानी, महिलाओं के लिए अलग वेटिंग रूम, फूड कोर्ट, ट्रेनों की जानकारी के लिए एलईडी डिस्प्ले, रूफ प्लाजा, बच्चों के खेलने के लिए जगह, लिफ्ट आदि शामिल हैं। साथ ही, ये स्टेशन पर्यावरण और दिव्यांगों के अनुकूल भी बनाए जाएंगे।
गाजियाबाद स्टेशन का कायाकल्प
नई दिल्ली के बाद NCR का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन गाजियाबाद का होगा। यह दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पर स्थित है, जहां रोजाना करीब 400 ट्रेनें गुजरती हैं और लगभग 200 ट्रेनें रुकती हैं। इस स्टेशन के विकास के बाद गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को नई दिल्ली तक जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। यहां पर अधिक ट्रेनों का ठहराव होने से यात्रियों को काफी सुविधा होगी।
फरीदाबाद स्टेशन का एयरपोर्ट जैसा स्वरूप
फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह विकसित किया जा रहा है। इसे मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाया जाएगा। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन और ओल्ड फरीदाबाद मेट्रो स्टेशन के बीच 500 मीटर लंबा ट्रैवेलेटर (स्वचालित पैदल पथ) भी बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को दोनों स्थानों के बीच आवागमन में सुविधा होगी।
दिल्ली कैंट और बिजवासन स्टेशन का विकास
दिल्ली कैंट और बिजवासन रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक सुविधाओं से सजाया जा रहा है। इन स्टेशनों के पुनर्विकास के बाद गुरुग्राम और आसपास के लोग नई दिल्ली जाने के बजाय यहीं से ट्रेन पकड़ सकेंगे। लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव बढ़ने से यात्रियों को काफी लाभ होगा।

















