Haryana News: हरियाणा से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने खांसी की दवा प्लैनोकफ डी सिरप की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब जांच रिपोर्ट में पाया गया कि इस दवा में डायएथिलीन ग्लाइकाल नामक खतरनाक पदार्थ की मात्रा सीमा से अधिक है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए साफ कहा है कि यह दवा मानव शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस दवा का उपयोग बिल्कुल न करें क्योंकि इसका सेवन सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
आधिकारिक रिपोर्ट में बताया गया है कि प्लैनोकफ डी सिरप के कुछ बैचों में डायएथिलीन ग्लाइकाल की मात्रा अधिक पाई गई है। यह रसायन किडनी और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाला है। खासतौर पर बच्चों के लिए यह और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से जानलेवा हालत भी हो सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है। इसलिए विभाग ने निर्देश दिए हैं कि प्लैनोकफ डी सिरप की सभी बैचों को तुरंत बाजार से वापस बुलाया जाए और उन्हें बिक्री से रोक दिया जाए। इसके अलावा दवा विक्रेताओं, वितरकों, अस्पतालों और डॉक्टरों को भी साफ हिदायत दी गई है कि वे किसी भी हालत में इस दवा को न बेचें और न ही किसी मरीज को दें।
इस प्रतिबंध के बाद जनता से भी अनुरोध किया गया है कि यदि उनके पास यह दवा है तो वे इसका सेवन तुरंत बंद कर दें और जरूरत पड़ने पर किसी विश्वसनीय डॉक्टर से परामर्श करें। स्वास्थ्य विभाग इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी तरह के खतरे से जनता को बचाया जा सके।
इस खबर के बाद लोगों में सचेतता बढ़ी है और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के इस कदम का स्वागत किया है। सरकार का यह फैसला स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

















