Haryana News: हरियाणा मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी की उस घोषणा को मंजूरी दे दी गई जिसमें उन्होंने 1984 के सिख दंगा पीड़ित परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात कही थी। यह फैसला उन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जिन्होंने दंगों के दौरान अपने प्रियजनों को खोया था।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से मिलेगी नौकरी
कैबिनेट के इस निर्णय के अनुसार, सभी पात्र परिजनों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नौकरियां दी जाएंगी। खास बात यह है कि जिन सिख परिवारों के सदस्य दंगों में हरियाणा के बाहर मारे गए थे, उनके परिजनों को भी नौकरी का लाभ मिलेगा। इन नियुक्तियों को अनुबंध आधार पर किया जाएगा लेकिन कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक नौकरी से नहीं हटाया जाएगा।
2022 की नीति में संशोधन
सरकार ने इस फैसले के लिए वर्ष 2022 की नियुक्ति नीति में बदलाव किया है। संशोधित नीति के तहत दंगा पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सर्वसम्मति से चयनित कर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिए लेवल-I, II या III श्रेणी की उपयुक्त नौकरी दी जाएगी। यह नियुक्ति उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के आधार पर तय होगी।
रोजगार सुनिश्चित करने के विशेष प्रावधान
यदि किसी विभाग में सभी पद पहले से भरे हैं, तो निगम उस पात्र व्यक्ति को किसी अन्य विभाग या अपने ही संस्थान में समायोजित करेगा ताकि रोजगार में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पहले ही विधानसभा में यह आश्वासन दिया था कि दंगा पीड़ित परिवारों के साथ न्याय किया जाएगा।

















