Haryana News: दिल्ली के नजदीक स्थित गुरुग्राम में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद शहर का प्रदूषण स्तर खराब श्रेणी में पहुँच गया है और कुछ इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज हुआ है. प्रशासन अब लोगों को साफ हवा उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रहा है.
गुरुग्राम में GRAP का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है. इसके तहत होटल और ढाबों में कोयला जलाने पर पूरी तरह रोक है. पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन सड़क पर नहीं चलेंगे. जरूरी सेवाओं को छोड़कर डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी. प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग और फैक्ट्री बंद कर दी गई हैं. खुले में कूड़ा जलाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.
शहर की मुख्य सड़कों की सफाई पूरी तरह मैकेनाइज्ड तरीके से करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इससे सड़क मार्गों पर जमा धूल-मिट्टी नियंत्रित होगी. लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन और सख्त कदम उठाने की तैयारी में है.
पिछले साल कुछ रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटियों ने अपने स्तर पर कृत्रिम बारिश करवाई थी और प्रदूषण स्तर में गिरावट दर्ज हुई थी. इसे देखते हुए नगर निगम अब बड़े पैमाने पर कृत्रिम बारिश कराने की योजना बना रहा है. कृत्रिम बारिश हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों को कम करने में मदद करेगी और लोगों को साफ हवा उपलब्ध कराएगी.
नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदान की गई धनराशि से 10 एंटी स्मॉग गन मशीनें खरीदी जाएंगी. ये मशीनें पानी की बारीक बूंदों के जरिए हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों को जमीन पर लाने में मदद करेंगी. इससे प्रदूषण स्तर कम होगा और शहर में सांस लेना आसान होगा.
















