NPCI ने यूपीआई लेन देन की बढाई सीमा, इन लोगों को नहीं मिलेगा इसका लाभ

On: September 15, 2025 11:57 AM
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NPCI ने यूपीआई लेन देन बढाई सीमा, इन लोगों को नहीं मिलेगा इसका लाभ

UPI Changes : यूपीआई के जरिए डिजिटल लेन-देन करने वाले लोगों के लिए जरूरी सूचना है। आज ये यानि 15 सितम्बर 2025 का इसे नियमों में बदलाव किया गया है।

ऐसे में अगर आप PhonePe, Paytm या Google Pay जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो यह जानना जरूरी है कि अब इन पर क्या बदलाव किया गया है। NPCI

 

जानिए क्या है बदलाव: बता दे कि अब बीमा प्रीमियम और लोन की ईएमआई का भुगतान करने के लिए कई बार ट्रांजैक्शन करने की जरूरत नहीं होगी। नए नियमों के मुताबिक, एक ट्रांजैक्शन में पांच लाख रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है।NPCI

कैपिटल मार्केट और निवेश NPCI 
शेयर बाजार या अन्य निवेश प्लेटफॉर्म पर अब बड़े लेन-देन सरल हो जाएंगे। पहले जहां निवेशकों को लिमिट के कारण कई बार भुगतान करना पड़ता था वहीं अब पांच लाख रुपये तक का एकमुश्त ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा। यहां भी डेली लिमिट दस लाख रुपये तय की गई है।NPCI

क्रेडिट कार्ड बिल और ट्रैवल बुकिंग NPCI 
क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने वालों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है। अब एक बार में पांच लाख रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा, जबकि रोजाना छह लाख रुपये की सीमा लागू होगी।

ज्वेलरी और व्यापारी भुगतान: ज्वेलरी की खरीदारी के लिए यूपीआई सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये प्रति ट्रांजैक्शन और छह लाख रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। खास बात यह है कि इस कैटेगेरी में डेली लेन-देन की कोई सीमा तय नहीं की गई है। इसका सीधा फायदा कारोबारियों और दुकानदारों को मिलेगा। NPCI

 

बता दे कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई की लिमिट में बड़े बदलाव किए हैं। अब बीमा प्रीमियम, लोन की ईएमआई, क्रेडिट कार्ड बिल या शेयर बाजार में निवेश जैसे बड़े भुगतान एक बार में करना आसान हो गया है।

इन नए नियमों के साथ यूपीआई न केवल छोटे लेन-देन का साधन रहेगा बल्कि बड़े भुगतानों के लिए भी भरोसेमंद विकल्प बन गया है।एक दिन में अधिकतम दस लाख रुपये तक की सीमा तय की गई है। इससे बड़े लोन या बीमा प्रीमियम की रकम चुकाना आसान होगा।

इन लोगों को नहीं मिलेगा इसका लाभ  NPCI 
व्यक्तिगत लेन-देन, यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने की सीमा पहले जैसी ही बनी हुई है। इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि रोजाना अधिकतम एक लाख रुपये ही ट्रांसफर किए जा सकेंगे। ऐसे लोग जो इस लिमिट के अंदर हैं या जिनके लेन-देन व्यक्तिगत हैं उन्हें नए नियम का कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा।

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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