गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम पर प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टरों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। निगम के आंकड़ों के अनुसार 29,191 बड़े डिफाल्टरों पर 291 करोड़ 91 लाख रुपये का बकाया है। इन सभी पर एक लाख रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है, जबकि छोटे डिफाल्टरों की संख्या भी हजारों में है।Breaking News
निगम खजाने में इस समय मात्र 450 करोड़ रुपये ही शेष हैं, जबकि सालाना खर्च इससे दोगुना है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों के वेतन तक पर संकट खड़ा हो सकता है।शहर में सात लाख से अधिक संपत्तियां विभिन्न श्रेणियों में दर्ज हैं और औसतन हर साल 250 से 280 करोड़ रुपये की टैक्स रिकवरी होती है।Breaking News
गुरुग्राम में प्रॉपर्टी टैक्स निगम की सबसे बड़ी आय का स्रोत है। इसके अलावा विज्ञापन फीस, स्टांप ड्यूटी और तहबाजारी से भी आय होती है, लेकिन टैक्स की समय पर रिकवरी न होने से शहरी विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं और निगम को सरकारी फंड पर आश्रित होना पड़ सकता है।
निगम के पास रिहायशी 4.37 लाख, व्यावसायिक 92 हजार से अधिक, औद्योगिक 6,561, संस्थानिक 4,408, खाली प्लाट 1.11 लाख और अन्य श्रेणियों में कुल मिलाकर 7.05 लाख से अधिक संपत्तियां दर्ज हैं।Breakign News
लेकिन डिफाल्टरों से समय पर वसूली नहीं होने के कारण यह आंकड़ा लगातार प्रभावित हो रहा है। निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और जो टैक्स जमा नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।Breakign News
प्रदेश स्तर पर भी टैक्स वसूली में गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में गुरुग्राम नगर निगम ने 278.49 करोड़ रुपये की टैक्स रिकवरी की थी, जबकि 2024-25 में यह घटकर 262.12 करोड़ रह गई। यानी निगम को 16.37 करोड़ रुपये कम टैक्स मिला।
वहीं प्रदेश स्तर पर भी प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी 563.36 करोड़ रुपये से घटकर 475.09 करोड़ रुपये हो गई, जो करीब 16 प्रतिशत की गिरावट है।Breakign News

















