Haryana Weather: पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी साफ दिखाई देने लगा है। रेवाड़ी में इस बार सर्दी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। न्यूनतम तापमान गिरकर माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया। ठंडी हवाओं और घने कोहरे के चलते दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट देखी जा रही है। मौसम में अचानक आई इस सख्ती से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।Haryana Weather
टूट गया 10 साल का रिकोर्ड: मौसम विभाग के अनुसार पिछले आठ से दस वर्षों में रेवाड़ी में न्यूनतम तापमान इतना नीचे नहीं गया था। विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड से राहत की संभावना कम जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। लगातार बढ़ती ठंड के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त बना हुआ है।

सड़कों पर सन्नाटा पसरा: रविवार को अवकाश होने के बावजूद कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सुबह के समय बाजार, चौक-चौराहे और मुख्य सड़कें लगभग खाली नजर आईं। केवल वही लोग घरों से बाहर निकले जिन्हें अत्यंत आवश्यक काम था। बाहर निकलने वाले लोग भी पूरी तरह ऊनी कपड़ों, जैकेट, टोपी और मफलर में लिपटे हुए दिखे। हालांकि दिन का अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, लेकिन शीतलहर के कारण दिन में भी ठंड का असर बना रहा और धूप का असर बेहद कमजोर महसूस हुआ।
जन जीवन हुआ अस्त व्यस्त: शीतलहर का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है। खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए ठंड बड़ी चुनौती बन गई है, जिससे उनकी रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। ठंड से बचाव के लिए लोग रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाकर तापते हुए नजर आए।

















