KMP Expressway: हरियाणा के पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर पौधे लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा एचएसआईआईडीसी इस मानसून से पहले ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करे।
उन्होंने कहा कि पौधे वन विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगे, लेकिन उनकी देखभाल, सुरक्षा व रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी तरह से एचएसआईआईडीसी की होगी तथा इन पौधों पर वन विभाग का मालिकाना हक नहीं होगा।KMP Expressway
राव नरबीर सिंह आगामी वन महोत्सव को लेकर आयोजित विभिन्न विभागों की समन्वय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को इस मानसून में पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने के निर्देश दिए।KMP Expressway
बैठक में बताया गया कि 15 जुलाई को पूरे प्रदेश में एक साथ बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। यह अभियान सार्वजनिक स्थानों, तालाबों, नदी तटों व पंचायती भूमि पर चलेगा। इसमें एनजीओ, सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक घरानों का सहयोग लिया जाएगा। शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर पौधे लगाने की जिम्मेदारी उद्योगों को सौंपी जाएगी तथा इन स्थानों पर संबंधित कंपनी की पट्टिका लगाई जाएगी। राव नरबीर ने बताया कि केएमपी एक्सप्रेस-वे पर दो चरणों में पौधारोपण किया जाना है।
पहला चरण कुंडली से मानेसर तथा दूसरा मानेसर से पलवल तक है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो किसी अनुभवी लैंडस्केप एजेंसी की सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को 26 जून तक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रायपुर नर्सरी में नीम, पीपल, पिलखन, अर्जुन, बरगद जैसे पेड़ों को तीन-चार साल तक पोषित कर परिपक्व बनाया जाएगा ताकि बाद में उन्हें विभिन्न स्थानों पर लगाया जा सके। साथ ही, दक्षिण हरियाणा में खेजड़ी, रोहेड़ा, जाल, रोंज जैसी प्रजातियों को प्रोत्साहित करने के लिए योजना के तहत किसानों को लाभ देने पर भी चर्चा हुई।KMP Expressway
बैठक में बताया गया कि एनएचएआई तथा रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की परियोजनाओं में पौधे लगाने का कार्य हरियाणा वन विकास निगम को सौंपा गया है। केएमपी की 12-13 फीट ऊंची संरचना पर तीन पंक्तियों में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा, एचएसआईआईडीसी के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों के नाम के अनुसार पौधों की प्रजातियों को चिह्नित कर लगाया जाएगा। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव एवं आयुक्त डॉ. अमित अग्रवाल, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन विनीत गर्ग, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक यश गर्ग सहित वन, सिंचाई एवं जल संसाधन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

















