Surajkund Mela 2025: सीएम सैनी किया सूरजकुंड मेले का आगाज, जानिए मेले के सांस्कृतिक महत्व

On: February 7, 2025 2:17 PM
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Surajkund Mela 2025: हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित सूरजकुंड मेला का 38वां संस्करण 7 फरवरी को शुरू हो गया है। इस मेले का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के दौरान दोनों नेता मेले में लगे विभिन्न स्टॉल्स को देखते हुए वहां उपस्थित हुए और उन्होंने कलाकारों से मुलाकात भी की। इस मेले के आयोजन से हरियाणा और देश-दुनिया के लोगों को एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त होगा।

सूरजकुंड मेला 2025 की खास बातें

सूरजकुंड मेला 2025 का आयोजन 7 फरवरी से लेकर 23 फरवरी तक किया जाएगा। यह मेला न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों से बल्कि विदेशों से भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस बार मेला में कुल 648 कलाकार 42 देशों से हिस्सा ले रहे हैं। इनमें मिस्र, सीरिया, अफगानिस्तान, बेलारूस, म्यांमार जैसे देशों के कलाकार भी शामिल हैं। ये कलाकार यहां अपनी हस्तशिल्प कला का प्रदर्शन करेंगे, जो मेलों में आने वाले दर्शकों के लिए एक अनोखा अनुभव होगा।

CM  और केंद्रीय मंत्री ने कलाकारों से मुलाकात की

सूरजकुंड मेला में विभिन्न देशों के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस दौरान, मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने इन कलाकारों से मुलाकात की और उनकी कला का निरीक्षण किया। वे मेले के विभिन्न स्टॉल्स पर गए और वहां लगे हस्तशिल्प प्रदर्शनों का आनंद लिया। दोनों नेताओं ने कलाकारों के काम को सराहा और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।

मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने विशेष रूप से ओडिशा के कलाकार रामचंद्र साहू की हस्तशिल्प कला को सराहा। रामचंद्र साहू ने पाम लीफ पर पेंटिंग बनाई है, जो एक विशेष प्रकार की कला है। दोनों नेताओं ने उनके साथ बातचीत की और उनकी कला को लेकर सराहना व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने रामचंद्र साहू से उनके काम के बारे में भी जानकारी ली।

उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?

सूरजकुंड मेले के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मेले के आयोजकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया और उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने इस मेला को हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर को विश्व भर में प्रदर्शित करने का एक अद्भुत माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इस बार के मेले में ओडिशा और मध्यप्रदेश को राज्य थीम के रूप में शामिल किया गया है। इससे उन राज्यों की सांस्कृतिक विविधता और हस्तशिल्प कला को एक बड़े मंच पर प्रस्तुत किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह भी कहा कि इस मेले में नेपाल, भूटान, बांगलादेश, म्यांमार, थाईलैंड और श्रीलंका जैसे देशों को थीम देश के रूप में शामिल किया गया है। इससे इन देशों की सांस्कृतिक धरोहर और कला को भी मंच मिलेगा, जो भारत के सांस्कृतिक समृद्धि को और भी सशक्त करेगा।

पर्यटकों के लिए खास सुविधाएं और आयोजन

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह भी कहा कि हरियाणा द्वारा दिखाया गया आतिथ्य इस मेले को और भी आकर्षक बना रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मेला विदेशों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेगा और उन्हें भविष्य में फिर से सूरजकुंड मेला आने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में आयोजित होने वाला यह मेला न केवल कला और हस्तशिल्प का केन्द्र है, बल्कि यहां पर पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम और किचन फेस्टिवल भी आयोजित किए जाएंगे।

हस्तशिल्प, लोक कला और स्थानीय व्यंजन

इस मेले में भारतीय राज्यों और विदेशों से भी विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प, लोक कला और पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध होंगे। इसमें ओडिशा और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों की हस्तशिल्प और कला को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, नेपाल और भूटान जैसे देशों के पारंपरिक वस्त्र और कला के साथ ही उनके स्वादिष्ट व्यंजन भी मेले में परोसे जाएंगे।

सूरजकुंड मेला का सांस्कृतिक महत्व

सूरजकुंड मेला भारत का एक प्रमुख सांस्कृतिक मेला है, जो हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस मेले में विश्वभर के कलाकार और कारीगर अपनी कला और हस्तशिल्प का प्रदर्शन करते हैं। इसके माध्यम से न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को साझा किया जाता है, बल्कि विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विविधता भी प्रदर्शित की जाती है।

यह मेला भारतीय कला, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य और व्यंजन को एक मंच पर लाता है, जहां विभिन्न राज्य और देश अपने संस्कृति के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं। इस मेले की खास बात यह है कि यहां हर प्रकार की कला का प्रदर्शन किया जाता है, चाहे वह वस्त्र कला हो, लकड़ी का काम हो, धातु कला हो या फिर स्थानीय पारंपरिक व्यंजन हों।

सूरजकुंड मेला 2025 न केवल हरियाणा और भारत के कला प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अवसर है, बल्कि यह दुनिया भर के कलाकारों और कारीगरों को एक मंच प्रदान करता है। इस मेले में विभिन्न देशों की कला और संस्कृति को देखना और समझना एक अनोखा अनुभव होगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने इस मेले के उद्घाटन के अवसर पर जो घोषणाएं की हैं, वे इस मेले को और भी खास बनाती हैं। इस मेले से हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी, और पर्यटकों के लिए यह एक अद्भुत यात्रा का अनुभव साबित होगा।

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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