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Political News: कोसली से टिकट की उम्मीद नही लगी, चुनाव से पहले जगदीश यादव ने छोडी BJP

On: September 27, 2023 10:11 AM
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जगदीश बोले- BJP यूज एंड थ्रो वाली पार्टी, कोई सिद्धांत नहीं
हरियाणा: हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का पटकनी देने वाले पूर्व मंत्री जगदीश यादव मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कह चुके है। ऐसे में बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने से बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं और Kosli  सीट का भी समीकरण बदल सकता है

 

वे आज नई दिल्ली में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा के बेटे सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा की कोठी पर अपने समर्थकों के साथ पहुंच कर काग्रेस का दामन थामेंगे। हुड्डा के आवास पर कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि जगदीश यादव रेवाड़ी जिले की कसोली विधानसभा सीट पर मजबूत पकड़ रखते हैं।

1996 में राव इंद्रजीत सिंह को हराया था

रामपुरा हाउस के विरोध की राजनीति करने जगदीश यादव ने अपना पहला चुनाव 1991 में हविपा की टिकट पर लड़ा। इस चुनाव में जगदीश यादव ने राव इंद्रजीत सिंह को सीधी टक्कर तो दी पर जीत नसीब नहीं हुई।

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रेवाड़ी जिले की कोसली सीट रामपुरा हाउस यानी अहीरवाल के कद्दावर नेता एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के परिवार की एक तरह से पारिवारिक सीट रही है। पहले ये जाटूसाना हलका हुआ करता था, जहां से राव इंद्रजीत सिंह ने भी कई चुनाव लड़े।REWARI: धारूहेड़ा में बदमाशो का कहर: एजैंट से नकदी से भरा बैग छीना

जगदीश बोले- BJP यूज एंड थ्रो वाली पार्टी
भाजपा छोड़ने के बाद जगदीश यादव ने कहा कि वे 4 साल पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इन चारों साल में उन्होंने देखा कि भाजपा का कोई सिद्धांत नहीं है। यह यूज एंड थ्रो वाली पार्टी है। वे राष्ट्रीय पार्टी की राजनीति करना चाहते है। इसलिए उन्होंने कांग्रेस को चुना है।

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जगदीश यादव हरियाणा विकास पार्टी के साथ ही कई सालों तक इंडियन नेशनल लोकदल में भी रहे। इनेलो छोड़कर ही उन्होंने वर्ष 2019 में भाजपा का दामन थामा था। वे कोसली से टिकट चाहते थे, लेकिन टिकट केंद्रीय मंत्री राव इद्रंजीत ने भाजपा के पुराने कार्यकर्ता लक्ष्मण यादव को दिला दी थी।

 

हालांकि 1996 में हुए अगले ही विधानसभा चुनाव में जगदीश यादव ने राव इंद्रजीत सिंह को जाटूसाना सीट से हरा दिया था। वे पूर्व सीएम बंसीलाल की सरकार में मंत्री भी बने। इसके बाद से ही जगदीश यादव रामपुरा हाउस के विरोध की राजनीति करते आ रहे है।Rewari: अनाज मंडी में पर्याप्त सुविधाएं नहीं: न टीन शेड, न ही पेयजल, भटक रहे किसान

 

कोसली हल्के में जगदीश यादव का खुद का जनाधार है, जिसकी बदौलत ही वे लंबे समय से राजनीति में मजबूत पकड़ बनाए हुए है। 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले ही जगदीश यादव ने भाजपा की तरफ ढलना शुरू कर दिया था। कोसली विधानसभा सीट रोहतक लोकसभा क्षेत्र में आती है।

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कई साल तक इनेलो में रहकर उन्होंने कोसली से चुनाव लड़े। 2014 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरने जगदीश यादव ने भाजपा प्रत्याशी बिक्रम यादव को कड़ी टक्कर दी थी

ऐसे में यहां पर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी डा. अरविंद यादव का समर्थन किया था। जबकि दूसरी तरफ पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्‌डा के बेटे दीपेन्द्र हुड्‌डा चुनावी मैदान में थे, जिन्हें इस सीट पर पहली बार हार मिली थी। हालांकि अब जगदीश जगदीश यादव के हुड्‌डा गुट के जरिए ही कांग्रेस में आने से हुड्‌डा परिवार का दबदबा बढ़ेगा।

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

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