Haryana: हरियाणा में 119 करोड़ का राशन घोटाला, जाने पूरा मामला ?

On: May 30, 2025 8:11 PM
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Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है, हरियाणा के करनाल में 119 करोड़ के राशन घोटाले का मामला सामने आया है। अब इन 119 करोड़ के राशन घोटाले के आरोपों की जांच आगे बढ़ गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, SDM अनुभव मेहता की अगुआई में चल रही इस जांच में दोनों पक्षों को शामिल कर बयान दर्ज किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए पुराने रिकॉर्ड के आधार पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से भी विस्तृत रिकॉर्ड मंगवाया गया है, जो एक सप्ताह के भीतर SDM कार्यालय पहुंचने की संभावना है।

वहीं शिकायतकर्ता से कुछ और रिकॉर्ड की मांग की गई है, जो अभी तक SDM को नहीं मिला है। जांच के बाद ही तय होगा कि आरोप कितने सही हैं और किसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

दर्ज किए बयान

मिली जानकारी के अनुसार, डिपो होल्डर पर लगे राशन घोटाले के गंभीर आरोपों की जांच कर रहे SDM अनुभव मेहता ने बताया कि जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठाए गए इस मामले को लेकर दोनों पक्षों को जांच में शामिल किया गया।

जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता द्वारा जो रिकॉर्ड सौंपे गए हैं, वे काफी पुराने हैं और उस समय परिवार पहचान पत्र की प्रणाली लागू नहीं थी। इसी कारण SDM ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से शिकायतकर्ता के रिकॉर्ड के बेस पर रिकॉर्ड मंगवाया है, ताकि पता चल सके कि किस परिवार में कितने सदस्य थे और बाद में कितने सदस्य जोड़े गए।

स्पेसिफिक डिपो का डेटा

मिली जानकारी के अनुसार, SDM ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान शिकायतकर्ता से यह जानकारी मांगी गई थी कि अगर किसी विशेष डिपो होल्डर का राशन रोका गया है या उसे ट्रांसफर किया गया है, तो उसका रिकॉर्ड भी पेश करें, लेकिन फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से इस विषय में कोई जानकारी नहीं दी गई है। जैसे ही यह डेटा मिलेगा, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

119 करोड़ के घोटाले का आरोप

जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उस वक्त हुई जब शिकायतकर्ता मनिंद्र कुमार ने प्रदेश के केबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के सामने 119 करोड़ रुपए के राशन घोटाले का आरोप लगाया।

मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि डिपो होल्डरों ने इस राशि का गबन किया है और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इस मांग का समर्थन करनाल के विधायक जगमोहन आनंद ने भी किया। इसके बाद मंत्री ने DC को मामले की जांच के निर्देश दिए और DC ने जांच की जिम्मेदारी SDM को सौंपी। साथ ही एक SIT का भी गठन किया गया है।

विधायक बोले-

जानकारी के मुताबिक, विधायक जगमोहन आनंद भी इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके है। उन्होंने कहा था कि SDM स्तर पर जांच हो रही है और इसमें किसी के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा। जो सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।

मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि अगर किसी ने गरीबों का राशन खाया है, तो उसे सजा जरूर मिलेगी। दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा। अगर इस स्तर पर समाधान नहीं हुआ, तो ऊपर तक जाकर कार्रवाई करवाई जाएगी।

डिपो होल्डर ने कहा- आरोप झूठा

जानकारी के मुताबिक, वहीं, इस मामले में डिपो होल्डर महेश चावला ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि शिकायतकर्ता से उसका पुराना विवाद चल रहा है और उसी की रंजिश के चलते यह शिकायत की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और जो भी सच्चाई सामने आएगी, उसके आधार पर ही आगे बात की जाएगी, लेकिन फिलहाल लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं और तथ्यों से परे हैं।

रिकॉर्ड के बाद होगी जांच पूरी

जानकारी के मुताबिक, SDM अनुभव मेहता ने बताया कि हेड ऑफिस से जो रिकॉर्ड मंगवाए गए हैं, उनके आने के बाद जांच को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि डेटा मिलते ही परिवारों की संख्या, सदस्य जोड़ने की तिथियां आदि की पुष्टि की जाएगी।

मिली जानकारी के अनुसार, जांच को निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित रखने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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