Haryana News: हरियाणा में 27 लाख से अधिक ओवरएज (फिटनेस एक्सपायर) वाहन सड़कों पर प्रदूषण फैला रहे हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए पत्र में दिए गए निर्देश के अनुसार इन वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। आयोग ने राज्य सरकार से ओवरएज वाहनों की पहचान कर उन्हें जब्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।Haryana News
1 जुलाई से लागू होंगे नए नियम
1 जुलाई से दिल्ली में पेट्रोल पंपों से 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा 1 नवंबर से एनसीआर क्षेत्र के पांच बड़े जिलों में भी ये नियम लागू होंगे। इनमें हरियाणा के तीन बड़े जिले फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत शामिल हैं।
नए वाहन नियम
प्रतिबंध 2026 तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा
इसके अलावा आयोग ने 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश के अन्य जिलों में पेट्रोल पंपों से तेल की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और पुराने, प्रदूषणकारी वाहनों की संख्या को कम करना है। ये नियम दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के सभी पंपों पर लागू होंगे।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
सीएक्यूएम ने ओवरएज वाहनों के खिलाफ अभियान को और सख्त बनाने के लिए एएनपीआर (ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रीडर) सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे जैसे आधुनिक तकनीकी समाधान लागू करने का आदेश दिया है। दिल्ली में यह सिस्टम 30 जून तक लागू हो जाएगा, जबकि एनसीआर के अन्य जिलों में इसे 31 अक्टूबर 2025 तक लागू करना अनिवार्य होगा।Haryana News
एनसीआर के हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पांच जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में 31 अक्टूबर तक पंपों पर एएनपीआर सिस्टम लगाना होगा। इसके बाद 31 मार्च 2026 तक पूरे एनसीआर में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इससे ओवरएज वाहनों की पहचान करना आसान हो जाएगा और उन्हें ट्रैक करना संभव हो सकेगा। ओवरएज वाहनों की नियमित जांच प्रदेश में 27 लाख से अधिक ओवरएज वाहनों की संख्या को देखते हुए विभाग की ओर से नियमित जांच की जा रही है। जब भी ओवरएज वाहन पकड़े जा रहे हैं, उन्हें सीज किया जा रहा है।Haryana News
आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर इन वाहनों की जब्ती में और तेजी लाई जाएगी। पिछले साल सर्दियों में भी ऐसा अभियान चलाया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ओवरएज वाहन सीज किए गए थे। विभाग की सक्रियता और भविष्य की योजनाएं यातायात निरीक्षक कृष्ण कुमार ने बताया कि ओवरएज वाहनों की पहचान कर उन्हें सीज करने के लिए विभाग लगातार सक्रिय है।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले इन वाहनों को सड़कों से हटाया जा सके। वायु प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण को बचाने के लिए ऐसी कार्रवाई जरूरी है।

















