Haryana News: हरियाणा में दो मंजिल मकान, जमीन जायदाद और कुत्ता पालने वाले हो जाए सावधान!, सरकार ने कसा शिकंजा

On: May 24, 2025 10:46 AM
Follow Us:
haryana news

Haryana News: हरियाणा से बड़ी खबर है। हरियाणा सरकार अब इन लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है, जिन लोगों ने परिवार पहचान पत्र (PPP) में अपनी आय कम दिखा रखी है। लेकिन BPL योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों दो से तीन मंजिला मकान और जमीन जायदाद के मालिक होते हुए भी BPL एवं अन्य सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे हैं।

सरकार ने शुरू की वेरिफिकेशन

जानकारी के मुताबिक, अब सरकार की ओर से PPP की वेरिफिकेशन शुरू हो चुकी है। प्राथमिक जांच सर्वे में पाया है कि किसी का दो मंजिला मकान है, तो किसी के घर में महंगा पालतू कुत्ता भी है। अगर PPP में आय की बात करें तो 1.80 लाख रुपये से कम दिखा रखी है। Haryana News

ADC कार्यालय को इसकी रिपोर्ट सौंपी गई है। ऐसे में जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर (DFSC) व जिला समाज कल्याण (DSW) को इन केसों की रिपोर्ट भेजी गई है, ताकि सही जांच हो सके। कहीं यह अन्य योजना का लाभ तो नहीं ले रहे।

BPL सूची में शामिल

मिली जानकारी के अनुसार करीब छह ऐसे केस मिले हैं, जिनकी रिपोर्ट हैरान कर देने वाली है। आलीशान जीवनयापन करने वाले भी BPL सूची में शामिल है। इन केसों की दोनों विभागों की ओर से जांच की जाएगा। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। Haryana News

इस समय सरकार व जिला प्रशासन भी सख्त मूड में हैं। अब सरकार की ओर से PPP की वेरिफिकेशन शुरू हो चुकी है। एरिया वाइज हर रोज रैंडमली पांच से सात PPP की सूची बनाकर जांच की जा रही है कि वह BPL के लिए पात्र है या नहीं।

सही जानकारी

मिली जानकारी के अनुसार, जब वेरिफिकेशन के लिए टीम BPL धारकों के घर जाती है, तो लोग सही नहीं देते। Haryana News लोगों में डर है कि कहीं BPL न कट जाए। टीम के घर आने पर पूरी जानकारी नहीं देते और न ही दस्तावेज जांच करवाते। इसलिए वेरिफिकेशन करने में भी दिक्कत आ रही है। प्रशासन की जो वेरिफिकेशन की प्रक्रिया है, वह धीमी गति से हैं। जिले में BPL कार्डधारकों की संख्या 3,54,736 है।

जल्द जांच होगी पूरी

Haryana News हर गांव या शहर में राशन डिपो है और लोग राशन लेने इनके पास आते हैं। डिपो संचालकों को उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में पूरी जानकारी होती है। मिली जानकारी के अनुसार, अगर डिपो संचालकों से सही सटीक जानकारी आए, तो जल्द जांच पूरी हो सकती है। मगर सूचना नहीं आ रही। आलम है कि असल जरूरतमंद किसी न किसी कारण से BPL से वंचित है। PPP में गलत आय दर्ज होने से लाभ नहीं मिल रहा।

 

Best24News

सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now