हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र में स्थित डंपिंग यार्ड में रविवार रात भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कचरे का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। घटना रविवार रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। हालांकि लगभग 12 घंटे बीत जाने के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है।
फायर ब्रिगेड के कर्मचारी लगातार आग बुझाने में जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार करीब 10 दमकल गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन डंपिंग यार्ड में कचरे के बड़े-बड़े ढेर होने और उससे उठ रहे घने धुएं के कारण आग पर काबू पाना काफी मुश्किल साबित हो रहा है।
नारनौल का यह डंपिंग यार्ड रघुनाथपुरा क्षेत्र के पास पहाड़ियों के नीचे बनाया गया है। आग लगने के बाद से पूरे इलाके में काला धुआं फैल गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार सुबह तक भी आसमान में धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही है और वातावरण काफी प्रदूषित हो गया है। कई लोगों ने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी हैं ताकि धुआं अंदर न आ सके। बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
इस भीषण आग के कारण ठेकेदार का करीब 250 टन कचरा जलकर राख हो गया है। बताया जा रहा है कि आग लगभग एक किलोमीटर के दायरे में फैल चुकी है। आग के तेजी से फैलने के कारण आसपास के घरों तक इसके पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है।
इसी वजह से आसपास के लोग काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। कई लोग लगातार मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यदि आग पर समय रहते पूरी तरह काबू नहीं पाया गया तो इससे आसपास के क्षेत्रों में बड़ा नुकसान हो सकता है।
डंपिंग यार्ड के पास ही स्थित नंदी गोशाला भी इस आग से प्रभावित हो रही है। गोशाला के सेवक राहुल वर्मा के अनुसार सोमवार सुबह करीब 9 बजे तक भी घना धुआं उठ रहा था। उन्होंने बताया कि धुएं के कारण गोशाला में मौजूद गायों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और पशु काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं।
गोशाला के कर्मचारियों ने पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। गायों को खुले और सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था की जा रही है ताकि उन्हें धुएं से कम से कम नुकसान हो।
डंपिंग यार्ड के आसपास काफी बड़ी आबादी रहती है। ऐसे में आग और धुएं के कारण लोगों में डर और चिंता का माहौल बन गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पास की पहाड़ियों पर सूखी घास और लकड़ी मौजूद है, जिससे आग और ज्यादा फैलने की आशंका बनी हुई है। लोगों को डर है कि अगर आग पहाड़ियों की ओर बढ़ गई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसी वजह से लोग प्रशासन से लगातार संपर्क में बने हुए हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द आग पर पूरी तरह काबू पाया जाए और क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो यह आग बड़े हादसे का रूप ले सकती है।
फिलहाल फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं और आग बुझाने का काम जारी है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
















